


मुख्यमंत्री अशोक गहलोत गुरूवार को जलमहल की पाल पर संचालित इंदिरा रसोई घर पहुंचे। यहां उन्होंने भोजन करने आए लोगों से भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, कर्मचारियों के व्यवहार सहित अन्य व्यवस्थाओं के बारे में बातचीत करते हुए रसोई का निरीक्षण किया। उपस्थित लोगों ने इंदिरा रसोई की शुरूआत के लिए सीएम गहलोत का आभार भी जताया।
इसके बाद सीएम गहलोत ने टोकन लेकर धर्मपत्नी श्रीमती सुनीता गहलोत, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री डॉ. महेश जोशी, उप मुख्य सचतेक महेंद्र चौधरी व नगर निगम जयपुर हैरिटेज महापौर श्रीमती मुनेश गुर्जर के साथ बैठकर भोजन किया। उन्होंने विजिटर्स डायरी का अवलोकन कर प्रतिक्रिया भी लिखी।
सीएम गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ‘कोई भी भूखा नहीं सोए‘ की भावना के अनुरूप इंदिरा रसोई में 8 रूपए में सम्मानपूर्वक पौष्टिक भोजन खिलाया जा रहा हैऔर ₹17 का अनुदान सरकार उपलब्ध कराती है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से माह में कम से कम एक बार इंदिरा रसोई में भोजन करने के लिए अपील भी की। उन्होंने कहा कि इससे यहां नियमित भोजन करने आने वाले लोगों का मान-सम्मान बढ़ेगा। साथ ही, भोजन की गुणवत्ता भी बनी रहेगी।
सीएम गहलोत ने प्रदेशवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कोरोना काल में आमजन ने बिना भय के सावधानीपूर्वक ‘कोई भी भूखा नहीं सोए‘ के संकल्प को लेकर घर-घर जाकर भोजन पहुंचाया। जनसहभागिता का यह प्रयास पूरे देश में सराहा गया।