


प्रदेश में भाजपा संगठन की स्थिति मजबूत नहीं है और यहां पर नेताओं में आंतरिक कलह और समन्वय की कमी है। यही कारण है कि भाजपा संगठन स्तर पर कांग्रेस के विवाद और सरकार की कमजोर स्थिति लेकर भाजपा संगठन द्वारा मामले को गंभीरता से नहीं उठाए जाने से राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा नाराज हैं। जेपी नड्डा ने इन सब परिस्थितियों को देखते हुए ही दिल्ली में राजस्थान भाजपा की कोर ग्रुप की 21 अक्टूबर को गुरुवार को शाम 6:00 बजे बैठक बुलाई है।
जेपी नड्डा द्वारा बुलाई गई कोर कमेटी की बैठक की सूचना के बाद भाजपा के नेताओं में हड़कंप मचा हुआ है। यह माना जा रहा है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा प्रदेश के नेताओं से जवाब तलब कर सकते हैं ।
पूर्व सीएम राजे का सहयोग नहीं मिलने के कारण कोटा संभाग में 20 और 21 अक्टूबर को आयोजित बूथ सम्मेलन को स्थगित करने के मामले को गंभीर माना गया है। जेपी नड्डा की इस बात से भी नाराज है कि प्रदेश में भाजपा के संगठन स्तर पर होने वाले आयोजन में आम लोगों का जुड़ाव कम है ऐसे में वर्ष 2023 में होने वाले विधानसभा के चुनाव में पार्टी कैसे सत्ता में आएगी इस पर खुलकर बातचीत होगी और रणनीति तैयार की जाएगी।
प्रदेश में कुछ महीने से भाजपा के नेताओं में समन्वय की कमी है और कार्यक्रम अलग-अलग आयोजित करके यह प्रदर्शित हो रहा है कि पार्टी के नेताओं में एकता नहीं है। इस स्थिति को लेकर ही केंद्र गंभीर है और चाहता है कि आपसी समन्वय कैसे स्थापित हो और कार्यक्रम पार्टी के अच्छे ढंग से आयोजित हो जिससे कि यह पता चले कि पार्टी आने वाले समय में सत्ता में आने की स्थिति में है।
प्रदेश में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर सतीश पूनिया, भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, प्रतिपक्ष के नेता गुलाब चंद कटारिया, संगठन की राष्ट्रीय सचिव डॉ. अलका गुर्जर, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय संस्कृति राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल सहित समिति के सदस्यों को बुलाया गया है।