Saturday, 29 August 2026

राजस्थान विवाद: दिल्ली और जयपुर में फिर हलचल तेज, गहलोत और पायलट गुट में समन्वय कराना मल्लिकार्जुन के लिए चुनौती


  राजस्थान विवाद: दिल्ली और  जयपुर में फिर हलचल तेज,  गहलोत और पायलट गुट में समन्वय कराना मल्लिकार्जुन के लिए चुनौती

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष पद पर चुनाव खत्म हो जाने के बाद और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत  ने दिल्ली में प्रियंका गांधी से मुलाकात करना भी राजनीति हलचल तेज हो गई है । मल्लिकार्जुन खड़गे के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद अब  राजनीतिक विवाद पर नए सिरे से दिल्ली  और जयपुर में हलचल तेज हो गई है। 

सीएम गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट दोनों गुटों के बीच चल रही  विवाद अब थम सकता है। अनुशासन समिति शीघ्र ही राजस्थान के प्रकरण पर परीक्षण करते हुए तीनों दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की सिफारिश कर सकती है ? वहीं दूसरी ओर पीड़ित  गुट के लोग आपसी  समन्वय बनाने के लिए दिल्ली में सक्रिय हो रखे हैं। सीएम गहलोत ने सबसे पहले मल्लिकार्जुन खड़गे को बधाई दी है और साथ ही सरकारी मुख्य सचेतकऔर जलदाय मंत्री डॉ महेश जोशी संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल और राजस्थान पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौर ने भी निर्वाचित अध्यक्ष को जोश खरोश के साथ बधाई दी है। 

सीएम गहलोत और पायलट गुट के बीच खींचतान को चुनावी साल से पहले निपटाना खड़गे के लिए सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है। खड़गे तो इस विवाद को प्रत्यक्ष रूप से देख भी चुके हैं और अब निर्णय भी उन्हें करना है।  ऐसे में लगता है कि पार्टी के हित में निर्णय होगा। यह भी माना जा रहा है कि राजस्थान में एक बार फिर से विधायक दल की बैठक होने की प्रबल संभावना है जिसमें दिल्ली के पर्यवेक्षकों के माध्यम से जो प्रस्ताव हाईकमान के पास जाना है वह पारित होगा ।

25 सितंबर को सीएम गहलोत गुट के विधायकों ने नए सीएम पर फैसले का अधिकार हाईकमान पर छोड़ने के लिए बुलाई गई विधायक दल की बैठक का बहिष्कार कर दिया था। उस समय प्रदेश प्रभारी अजय माकन के साथ खड़गे भी हाईकमान की ओर से पर्यवेक्षक बनाकर भेजे गए थे। 

मलिकार्जुन खड़गे के नए अध्यक्ष  बनने के बाद अब सचिन पायलट की सत्ता-संगठन में भूमिका पर अब  शीघ्र फैसला होने के आसार है। पायलट  गुट के नेता पहले उन्हें सीएम बनाए जाने की मांग को लेकर मुखर थे, लेकिन 25 सितंबर की घटना के बाद पायलट समर्थकों ने रणनीतिक चुप्पी साध रखी है। बताया जाता है कि गांधी परिवार ने पायलट को लेकर पहले फैसला कर लिया था, उस फैसले को लागू खड़गे से करवाया जाएगा। 

अब जयपुर में  सीएम गहलोत और सचिन पायलट लौट आए हैं और अब जयपुर में भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई है। सीएम गहलोत और सचिन पायलट  दोनों के निवास पर लोगों के मिलने से मिलने का सिलसिला तेज हो गया है। सीएम गहलोत ने बुधवार को राजीव गांधी ग्रामीण ओलंपिक खेल के समापन समारोह में भाग लिया और वहां पर बॉल पर हाथ अजमाया । गुरुवार को जयपुर मांगरोल में सिटी पार्क का लोकार्पण करेंगे। 

 


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