


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ.सतीश पूनिया ने कहा कि कांग्रेस ने किसान और युवाओं को ठगने का काम किया है। कांग्रेस में सीएम की कुर्सी को लेकर साढ़े तीन साल से विवाद है। इस बार तो विधायक इस्तीफा भी दे चुके है। ऐसे अब सवाल यह है कि रिमोट की राजस्थान सरकार को कौन चला रहा है। इस मुद्दे पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
डॉ. पूनिया सोमवार को लक्ष्मणगढ़ में आयोजित किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान में सबसे ज्यादा बाजरे की पैदावार होती है। पड़ौसी राज्य हरियाणा और यूपी सहित अन्य राज्यों में समर्थन मूल्य पर खरीद हो रही है तो फिर राजस्थान में क्यों नहीं ? उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर किसान चुप बैठने वाला नहीं है। यदि सरकार ने खरीद शुरू नहीं की तो प्रदेश के किसानों को 3300 करोड़ का नुकसान होगा।
डॉ. पूनिया ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सत्ता में आने पर कर्जामाफी की बात कही थी। लेकिन अभी तक कर्जामाफ नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अपराध, भ्रष्टाचार के मामले में एक नंबर पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासन में 70 लाख युवाओं ने प्रतियोगी परीक्षाएं दी, इनमें से महज एक लाख को नौकरी मिली है। साढ़े छह लाख गौवंश की मौत, सीएम कुर्सी बचाने में लगे रहे: राठौड़ भाजपा विधायक दल के उप नेता राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि लम्पी की वजह से प्रदेश में साढ़े छह लाख से अधिक गौवंश की मौत हो गई। जबकि सरकार के पास गौसेस के 2100 करोड़ रुपए है। उन्होंने कहा कि जब गौमाता तड़प रही थी उस समय प्रदेश के मुख्यमंत्री कुर्सी बचाने में लगे हुए थे। राठौड़ ने कहा कि प्रदेश के साढ़े तीन लाख से अधिक किसानों को बिजली कनेक्शन का इंतजार है। भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हरिराम रणवां ने कहा कि कांग्रेस ने झूठ के दम पर सत्ता हासिल कर ली। अब किसानों के साथ सभी वर्गो में सरकार के खिलाफ आक्रोश है। उन्होंने कहा कि 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को सबक सिखाने का काम प्रदेश की जनता करेगी। किसान सम्मेलन को पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी, प्रदेश महामंत्री भजनलाल शर्मा, लक्ष्मीकांत भारद्वाज, चौमू विधायक व प्रवक्ता रामलाल शर्मा, सीकर सांसद सुमेधानंद सरस्वती, झुंझुनूं सांसद नरेन्द्र कुमार आदि ने संबोधित किया।