Saturday, 29 August 2026

एआईसीसी अध्यक्ष पद का चुनाव सोमवार को, सीएम गहलोत ने तोड़ी चुप्पी, मलिकार्जुन खड़गे का किया खुला समर्थन,पीसीसी कार्यालय में रौनक


एआईसीसी अध्यक्ष पद का चुनाव सोमवार को, सीएम गहलोत ने तोड़ी चुप्पी, मलिकार्जुन खड़गे का किया खुला समर्थन,पीसीसी कार्यालय में रौनक


अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद चुनाव के लिए सोमवार को सुबह 10 बजे से सायकाल 4 बजे तक प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर मतदान होगा। इसके लिए 2 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। हालांकि अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ रहे मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर दोनों ही राजनीतिक विवाद से बचने के लिए प्रचार करने राजस्थान नहीं आए हैं। राजनीतिक तौर पर उनके समर्थक खुले रूप से प्रचार प्रसार करते नजर आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लंबी चुप्पी को तोड़ते हुए रविवार को यह कहा कि जब  वे  राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी मलिकार्जुन खड़गे के प्रस्तावक है तो उनका प्रचार खुले रूप से क्यों नहीं कर सकते हैं। इस बात का विरोध दूसरे प्रत्याशी शशि थरूर ने किया और उन्होंने चुनाव प्राधिकरण के अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री से इसकी शिकायत की। इस शिकायत के आधार पर ही मधुसूदन मिस्त्री ने कहा था कि  वह इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और जो कार्रवाई होगी करेंगे। लेकिन सोमवार को मतदान हो जाएगा उसके बाद कोई कार्रवाई संभव नहीं हो पाएगी। अब यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर सीएम गहलोत ने रविवार को  पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह बात क्यों कही कि उन्होंने अध्यक्ष  प्रत्याशी मलिकार्जुन खड़गे का प्रचार किया है।  किसी ने सही कहा है कि राजनीति में जो होता है वह दिखता नहीं जो नहीं होता वह दिखता है। सीएम गहलोत की बात से तो यह स्पष्ट होता है कि उन्होंने भविष्य की राजनीति को देखते हुए बयानबाजी की है। कांग्रेस चुनाव प्राधिकरण के प्रमुख मधुसूदन मिस्त्री को भी खुली चेतावनी है कि उन्होंने नियम विरुद्ध प्रचार किया है और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। 

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनका परिवार इस मामले को लेकर मौन है। इन सब परिस्थितियों से यह स्पष्ट होता है कि आने वाले समय में सीएम गहलोत किस तरीकेकी राजनीति करेंगे और उसका क्या परिणाम आएगा ? अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर जो कुछ राजनीति राजस्थान सहित देश में चल रही है उससे यह स्पष्ट होता है कि आने वाले समय में कांग्रेस की क्या स्थिति होने वाली है ? यह बात  सही है कि गांधी परिवार के बिना कांग्रेस पार्टी को चलाना संभव नजर नहीं आ रहा है। करीब 22 साल बाद कांग्रेस में अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हो रहे हैं। पार्टी मुख्यालय में 19 अक्टूबर को मतगणना होगी और नतीजे घोषित होंगे। हालांकि चुनाव से पहले ही थरूर पक्षपात का आरोप लगा चुके हैं। यह भी स्पष्ट है कि चुनाव में भारी मतों के साथ मलिकार्जुन खड़गे जीतेंगे। इसी के चलते सीएम गहलोत और स्थानीय नेता अपनी राजनीति को चमकाने के लिए बयानबाजी कर रहे हैं।अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर सचिन पायलट सक्रिय नहीं है  वह शांत होकर सब कुछ देख रहे हैं। 

मतदान के लिए प्रदेश भर के प्रतिनिधियों का जयपुर आने का सिलसिला रात से ही शुरू हो गया था और सुबह 10 बजे तक अधिकांश आने की संभावना जताई गई है। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में सुबह से ही रोनक का माहौल है और सीएम गहलोत और सचिन पायलट गुट के नेता सक्रिय नजर आएंगे। यह यह बात भी सही है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नए अध्यक्ष के भाग्य का फैसला भी अभी तक नहीं हो पाया है। 

प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री का निर्णय भी निर्वाचित होने वाले राष्ट्रीय अध्यक्ष को करना होगा ? यही कारण है कि चुनाव को लेकर राजस्थान में हलचल तेज है और सभी इस बात पर ध्यान केंद्रित किए हुए हैं कि किसी तरह से मलिकार्जुन खड़गे को अधिक से अधिक वोट मिले। इसका श्रेय किसको मिलेगा यह तो चुनाव परिणाम के बाद ही सामने आएगा लेकिन यह बात सही है कि  सीएम गहलोत रविवार से इस बात के लिए और अधिक सक्रिय हो गए हैं कि उन्होंने प्रचार के लिए मलिकार्जुन खड़गे का खुला समर्थन किया है। इस बीच सामने आया है कि राजस्थान में अध्यक्ष पद के चुनावों में पीसीसी (प्रदेश कांग्रेस कमेटी) से डेलीगेट्स को फोन कर खड़गे के पक्ष में वोट डालने की अपील की जा रही है। हालांकि यह अपील आधिकारिक नहीं है। लेकिन प्रतिनिधियों को फोन कर कहा गया है कि एआईसीसी की तरफ से जारी वोटर कार्ड के साथ अपना आधार कार्ड भी लाना है और खड़गेजी को वोट डलवाना है।



Previous
Next

Related Posts