


पुलिस को अब अपने हर कार्रवाई की जवाबदेही बतानी होगी। पुलिस से शिकायत होने पर अब पुलिस की शिकायत सीधे जवाबदेही कमेटी को की जा सकेगी। सरकार ने राज्य स्तरीय पुलिस जवाबदेही कमेटी का गठन किया है।
जस्टिस एचआर कुड़ी को इस समिति का अध्यक्ष बनाया है। इसके अलावा पांच सदस्यीय इस कमेटी में एडीजी, कानून एंव व्यवस्था हवा सिंह घुमारिया को सदस्य-सचिव बनाया है। वहीं पूर्व विधायक गोपाराम मेघवाल, सुनीता भाटी और अजीज को सदस्य बनाया है।
कमेटी की जिम्मेदारी पुलिस की जवाबदेही तय करना होगी। इसे लेकर अध्यक्ष जस्टिस कुड़ी ने बताया कि अगर कहीं भी कोई व्यक्ति पुलिस की ज्यादती का शिकार है या फिर उसे पुलिस की कार्यशैली से किसी किस्म की शिकायत है तो वह इस समिति में सम्पर्क कर सकता है। कमेटी मामले को लेकर जांच कर पुलिसकर्मियों के दोषी जाने पर सरकार को उनके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश करेगी समिति को किसी भी मामले पर स्वत: संज्ञान लेने के अधिकार होंगे।
पुलिस की कार्यशैली और ज्यादतियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। उसी याचिका पर फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने सरकारों को जवाबदेही कमेटियां बनाने के निर्देश दिए थे। इसके लिए तय किया कि ऐसी हाई पावर कमेटी बनाई जाए जो पुलिस को कंट्रोल कर सके। राज्य में पुलिस की कार्यप्रणाली को सुधारने के लिए ये कमेटी बनाई हैं।