Saturday, 29 August 2026

पर्यटकों की सवारी के काम में आने वाले हाथियों को पीड़ा मुक्त करना जरूरी, वर्ल्‍ड एनिमल प्रोटेक्‍शन के समर्थकों ने की मांग


 पर्यटकों की सवारी के काम में आने वाले हाथियों को पीड़ा मुक्त करना जरूरी, वर्ल्‍ड एनिमल प्रोटेक्‍शन के समर्थकों ने की मांग

जयपुर के वन्‍यजीव प्रेमी और साइक्लिस्‍ट ग्रुप ‘राजस्‍थान रोड राइडर्स’ ने वर्ल्‍ड एनिमल प्रोटेक्‍शन के अभियान ‘नो प्राइड इन एलिफेंट राइड’ का समर्थन किया है। जयपुर में आमेर किले पर पर्यटकों को लुभाने के लिए हाथियों की सवारी को रोकने और बंधक बनाकर सवारी और अन्‍य मनोरंजन सबंधी गतिविधियों से हाथियों को हो रही पीड़ा रोकने का अभियान वर्ल्‍ड एनिमल प्रोटेक्‍शन ने चलाया है। 

वर्ल्‍ड एनिमल प्रोटेक्‍शन के कंट्री डायरेक्‍टर गजेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि  वन्‍यजीवों को वन्‍यजीव की रहने का अधिकार है। हमारा मानना है कि जानवरों को हर तरह के क्रूर शोषण, व्‍यावसायिक उपयोग और मानवीय हस्‍तक्षेप से दूर प्राकृतिक आवास में रहने का हक है। हाथियों की कमोडिटी के रूप में मांग को कम करने की दिशा में काम करते हैं और वन्‍यजीवों का मनोरंजन, फैशन, परंपरागत दवाओं, खेलों और विदेशी पालतू जानवरों के रूप में व्‍यावसायिक शोषण का विरोध करते हैं। हम वन्‍यजीवों और उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण के ज्‍यादा मानवीय और टिकाऊ वैकल्पिक समाधान पेश करते हैं और वन्‍यजीवों और उन पर निर्भर लोगों के उचित पुनर्वास के समाधान के लिए सरकार और संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर काम करते हैं ताकि कानून और नीतियों को ठीक प्रकार से लागू किया जा सके।’ 

राजस्‍थान रोड राइडर्स के संरक्षक डॉ. जीएल शर्मा और अध्‍यक्ष ब्रिजेंद्र सिंह राजावत ने कहा कि इस अभियान का हिस्‍सा बनकर हमें गर्व हो रहा है और हम वर्ल्‍ड एनिमल पोटेक्‍शन के अभियान ‘नो प्राइड इन एलिफेंट राइड’ का समर्थन करते हैं। यह उचित अवसर है जब हम ऐसे समाधान पर चर्चा करें जो हाथियों, उनके महावतों और उनकी आने वाली पीढि़यों के लिए उचित हो।’ 

वर्ल्‍ड एनिमल प्रोटेक्‍शन के कंट्री डायरेक्‍टर गजेंद्र कुमार शर्मा ने आगे कहा कि यह अभियान जन जागरूकता के अपने अगले चरण में पहुंच गया है और इसमें रंग मस्‍ताने और राजस्‍थान रोड राइडर्स का समर्थन हमें मिल रहा है। हमें कॉरपोरेट जगत, विभिन्‍न समूहों और लोगों का समर्थन भी शपथ और याचिका के रूप में मिल रहा है जो इन हाथियों को पीड़ादायक जीवन से मुक्‍त करने और उसके स्‍थायी समाधान चाहते हैं।

हमारी याचिका के समर्थन के रूप में हमें एक लाख से भी ज्‍यादा हस्‍ताक्षर कर लोगों ने समर्थन दिया है और हम यह याचिका जल्‍द ही मुख्‍यमंत्री  अशोक गहलोत को सौंपकर अनुरोध करेंगे कि राजस्‍थान में हाथी सवारी को चरणबद्ध रूप में बंद करने और हाथियों और उनके महावतों के पुनर्वास के लिए एक व्‍यावहार्यता रिपोर्ट तैयार करवाएं। बंधक हाथियों के बेहतर जीवन और महावतों एवं उनकी आने वाली पीढि़यों की टिकाऊ आजीविका के लिए हम पूरा संभव सहयोग देने के लिए तैयार हैं।

यह कार्यक्रम हमारे अभियान #noprideinelephantride को मजबूत करने का प्रयास है। पालतू हाथियों की मांग और आपूर्ति की इस कड़ी को तोड़कर इन बंधक जानवरों के पुनर्वास में सहयोग करें। ये जीव भी बेहतर जीवन का हक रखते हैं और उनको खुशहाल जीवन प्रदान करने में मदद करें।



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