Saturday, 29 August 2026

सरकार की नीतियों से राजस्व के लंबित मामलों के निस्तारण में आई तेजी : रामलाल जाट


सरकार की नीतियों से राजस्व के लंबित मामलों के निस्तारण में आई तेजी :  रामलाल जाट

राजस्व मंत्री रामलाल जाट ने कहा कि राजस्व विभाग के कानूनों में संशोधन और सरलीकरण किया गया है। इससे लम्बित मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी और आमजन को इसका सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने प्रशासन गांवों के संग अभियान की उपलब्धियों पर संतोष जाहिर किया और कहा कि जिला कलक्टर और राजस्व विभाग के अधिकारी राजस्व से जुड़े प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के लिए नवाचार करें और नए सुझाव दें, ताकि सम्पूर्ण प्रक्रिया को और भी अधिक सुगम और सरल बनाया जा सके।

जाट शनिवार को राजस्व दिवस के अवसर पर शासन सचिवालय में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज का दिन राजस्व विभाग के लिए विशेष है। 15 अक्टूबर 1955 को  राजस्थान काश्तकारी अधिनियम का लागू होना किसानों के लिए एक ऎतिहासिक कदम था जिससे किसानों को भूमि का मालिकाना हक मिला।

उन्होंने इस अवसर पर जिला स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने करने के लिए सम्मानित होने वाले राजस्व कार्मिकों को बधाई दी और कहा कि राजस्व विभाग आम जन से जुड़ा हुआ विभाग है। अधिकारी और कर्मचारी आमजन को ध्यान में रखते हुए पूरी कुशलता और जिम्मेदारी के साथ काम करें, सिस्टम को और भी अधिक सुगम बनाएं तथा प्राथमिकता के आधार पर प्रकरणों का निराकरण करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन गांवों के संग अभियान के तहत बड़ी संख्या में राजस्व मामलों का निराकरण किया गया है। राजस्व रिकॉर्डों के कम्प्यूटरीकरण, सर्वे-रिसर्वे, मॉर्डल रिकॉर्ड रूम की स्थापना तथा पंजियन कार्यों का कम्प्यूटरीकरण जैसे कार्यों के सकारात्मक परिणाम दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने जिला कलक्टरों से राजस्व के प्रकरणों के निराकरण में आ रही समस्याओं के बारे में भी जानकारी ली और उनके शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। 

इस अवसर पर राजस्व मंडल के अध्यक्ष राजेश्वर सिंह ने कहा कि राजस्व के लम्बित मुकदमों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। यह सकारात्मक संकेत हैं। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में राजस्व के मामलों के निस्तारण के लिए आवश्यक है कि जिलों में पीठासीन अधिकारी नियमित रूप से न्यायालयों में बैठें। इसके अतिरिक्त राजकीय कार्यालय अथवा विद्यालयों आदि के लिए भू-आवंटन के मामलों को अभियान चलाकर निस्तारित करें। उन्होंने कहा कि मामलों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पूर्ण रूप से पालन किया जाना चाहिये।

राजस्व विभाग के प्रमुख शासन सचिव आनन्द कुमार ने कहा कि प्रदेश की 369 तहसीलों में से राजस्व रिकॉर्ड के कम्प्यूटरीकरण किये जाने से शेष रही 9 तहसीलों तथा नव गठित 23 तहसीलों में से शेष रही 17 तहसीलों में राजस्व रिकॉर्ड के कम्प्यूटरीकरण का काम शीघ्र पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि तहसीलों में सर्वे रिसर्वे तथा रिकॉर्ड़ों के डिजिटाइजेशन के काम को कैसे और बेहतर तथा जल्दी किया जा सकता है, इस पर विचार किया जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग सीधे रुप से आम आदमी से जुड़ा हुआ विभाग है और उनकी राजस्व संबंधी समस्याओं का निराकरण हमारी पहली प्राथमिकता है।

इस मौके पर राजस्व मण्डल के संयुक्त शासन सचिव महावीर प्रसाद मीणा तथा विश्व मोहन शर्मा के अतिरिक्त राजस्व विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। संभागीय आयुक्त एवं जिला कलेक्टरों ने इस कार्यक्रम में वीसी के माध्यम से भाग लिया। 

 



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