Saturday, 29 August 2026

ठाणे कटे ढूंढबा जाऊ रे... सावरियो घट माई 10 वां मोमासर उत्सव में हज़ारों दर्शकों ने लिया दुर्लभ संगीत का आनंद


ठाणे कटे ढूंढबा जाऊ रे... सावरियो घट माई 10 वां मोमासर उत्सव में हज़ारों दर्शकों ने लिया दुर्लभ संगीत का आनंद

ढोल, बैग पाइप, नगाड़ा वादन और दुर्लभ गीत -संगीत के साथ शुरु हुआ रंगारंग 10 वां मोमासर उत्सव। गाँव के सरपंच सरिता देवी संचेती और उपसरपंच जुगराज संचेती ने पारंपरिक नगाड़ा बजाकर उत्सव का शुभारंभ किया। 

उत्सव का आयोजन जाजम फाउंडेशन द्वारा किया गया है। सुरवि चैरिटेबल ट्रस्ट, संचेती ग्रुप, राजस्थान पर्यटन, राजीविका, नागपाल इवेंट्स के सहयोग से और डांसिंग पिकॉक व मर्करी कम्यूनिकेशन के द्वारा सह आयोजि किया जा रहा है। 

उत्सव के पहले दिन जानी मानी राजस्थानी मांड गायिका भंवरी देवी की प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। सांवरियो घट माई रे और चढ़-चढ़ जाना जैसे गीतों ने जयचंद पटावरी हवेली में समां बांध दिया। हाकम खान और उनके साथियों ने कमायचा पर सुंदर राग छेड़ी। इससे पहले दिन की शुरुआत शास्त्रीय संगीत के साथ योग से हुई। इसके बाद मारवाड़ के मेघवालों ने हरिजस में कृष्ण, मीरा, राम के भजनों से दिन की भक्तिमय शुरुआत की। 

हवेली में धूम धड़ाका वादन, सुरनैया लंगा और मादल व ढाक वादन जैसी लुप्तप्रायः संगीत परंपराएं देखने को मिली। उत्सव में पहली बार महिलाओं की भागीदारी बड़े स्तर पर देखने को मिली। चाहे गायन हो या हाट बाज़ार, हर जगह महिलाओं ने भागीदारी निभाई। राजीविका हाट बाज़ार में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने अपने हाथों से बनाए उत्पादों का विक्रय किया। मोमासर मेले में भी दस्तकारों ने अनेक हस्तकलाओं का प्रदर्शन किया। शाम को भोमियाजी मंदिर में पुष्कर के प्रसिद्ध पंडितों ने विशाल दीपकों से महाआरती की। रात में म्यूज़िक अंदर द स्टार्स कार्यक्रम में लंगा कम्यूनिटी का सारंगी वादन, सुगनी-पुन्नाथ कालबेलिया की प्रस्तुति, पाबू जी के भोपा भोपी और मांगणियार ट्रेडीशनल बैंड की प्रस्तुति ने सुंदर धोरों में मधुर संगीत का रस भर दिया।




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