


भोपाल आए अखिल पद के प्रत्याशी शशि थरूर ने मल्लिकार्जुन खड़के के साथ सीएमअशोक गहलोत के प्रचार करने पर ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव प्राधिकरण के प्रमुख मधुसूदन मिस्त्री को देखना चाहिए कि कहां गलत हो रहा है। इसके हिसाब से कार्रवाई करें। मल्लिकार्जुन खड़गे भी कांग्रेस अध्यक्ष पद के उम्मीदवार हैं।
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस में चल रहे विवाद और पिछले महीने हुए राजनीतिक बवाल का असर अब कांग्रेस अध्यक्ष चुनावों पर भी दिख रहा है। 17 अक्टूबर को अध्यक्ष पद पर वोटिंग है, लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष पद के उम्मीदवार मल्ल्किार्जुन खड़गे और शशि थरूर का अब तक राजस्थान आकर वोट मांगने का प्रोग्राम तय नहीं हुआ है।
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक मल्ल्किार्जुन खड़गे और शशि थरूर वोट मांगने राजस्थान नहीं आएंगे। प्रचार में अब केवल तीन दिन बचे हैं ऐसे में अब दोनों ही नेताओं ने राजस्थान आकर वोट मांगने का इरादा टाल दिया है। इस बीच सीएम गहलोत की खड़गे के पक्ष में वोट अपील से राजनीतिक तौर पर गर्मा गई है। अध्यक्ष पद के दूसरे उम्मीदवार शशि थरूर ने आपत्ति जताते हुए गहलोत पर कार्रवाई की मांग की है।
राजस्थान में कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनावों के लिए 413 नेता वोट करेंगे। बताया जाता है कि दोनों नेताओं का फोकस ज्यादा वोट वाले राज्यों पर है, राजस्थान से ज्यादा वोट यूपी, बिहार, पश्चिमी बंगाल, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडू और एमपी जैसे राज्यों में हैं। यूपी में 1200 वोट हैं।
खड़गे के राजस्थान चुनाव प्रचार के लिए नहीं आने के पीछे सबसे बड़ा कारण 25 सितंबर को विधायक दल की बैठक के बहिष्कार और उसके बाद पैदा हुए राजनीतिक गतिरोधको बताया जा रहा है। विधायक दल की बैठक में खड़गे प्रभारी अजय माकन के साथ ऑब्जर्वर की भूमिका में थे।
सीएम गहलोत के सरकारी निवास पर खड़गे देर रात तक विधायकों के इंतजार में बैठे रहे थे, लेकिन गहलोत समर्थक विधायक नहीं आए थे। उस घटना के बाद पैदा हुआ राजनीतिक विवाद अब तक जारी है। खड़गे और माकन ने मिलकर ही सोनिया गांधी को विधायक दल की बैठक के गहलोत गुट के विधायकों के बहिष्कार पर रिपोर्ट दी थी।