Saturday, 29 August 2026

पूर्व पुजारी गोविंद नारायण की मौत से ब्राह्मणों में आक्रोश, ब्राह्मणों की महापंचायत शुरू, दोषियों को गिरफ्तार करने, 50 लाख का मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग पर अड़े


पूर्व पुजारी गोविंद नारायण की मौत से ब्राह्मणों में आक्रोश, ब्राह्मणों की महापंचायत शुरू, दोषियों को गिरफ्तार करने, 50 लाख का मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग पर अड़े

ऋषि घाटी स्थित जगदीश पुरी मंदिर के पूर्व पुजारी गोविंद नारायण की मौत के बाद ब्राह्मणों में आक्रोश बढ़ गया है। गुरुवार को ब्राहमण महासभा के अध्यक्ष सुदामा शर्मा, एडवोकेट योगेन्द्र ओझा, नरेश मुदगल, दिनेश शर्मा , पंडित राजकुमार शर्मा, पंडित अनिल शर्मा, हनुमान शर्मा सहित शहर के सभी मन्दिरो के पुजारियों सहित ब्राहमण महासभा के पदाधिकारी और कई ब्राहमण जन अंबे माता मन्दिर स्थित केसरबाग चौकी में महापंचायत शुरू कर दी है और उसमें आंदोलन की रूपरेखा पर मंथन किया जा रहा है।


ऋषि घाटी स्थित जगदीश पुरी मंदिर के पूर्व पुजारी गोविंद नारायण की मौत के बाद ब्राह्मणों में आक्रोश बढ़ गया है। गुरुवार को ब्राहमण महासभा के अध्यक्ष सुदामा शर्मा, एडवोकेट योगेन्द्र ओझा, नरेश मुदगल, दिनेश शर्मा , पंडित राजकुमार शर्मा, पंडित अनिल शर्मा, हनुमान शर्मा सहित शहर के सभी मन्दिरो के पुजारियों सहित ब्राहमण महासभा के पदाधिकारी और कई ब्राहमण जन अंबे माता मन्दिर स्थित केसरबाग चौकी में महापंचायत शुरू कर दी है और उसमें आंदोलन की रूपरेखा पर मंथन किया जा रहा है।

वहीं दूसरी ओर जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी पर भारी पुलिस फोर्स तैनात किया है। जिला और पुलिस प्रशासन इस बात का इंतजार कर रहा है कि इसी तरह से पुजारी के परिवार वालों को शव लेने के लिए राजी कर लिया जाए। लेकिन ब्राह्मण महासभा के बैनर तले मौजूद लोगों ने इस बात पर 8 गए हैं कि पहले दोषियों को गिरफ्तार किया जाए और पीड़ित परिवार को 50 लाख का मुआवजा और एक सरकारी नौकरी देने का वादा करने के बाद ही कोई आगे के लिए बातचीत होगी।

पंडित सुदामा शर्मा ने बताया कि समाज और परिवार की मांग है कि पुजारी को आत्मदाह के लिए उकसाने वाले लोगों  तत्काल गिरफ्तार किया जाए जाए, प्रशासन द्वारा पंडित परिवार को 50 लाख की आर्थिक मदद और परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी  दे, वही मंदिर कमेटी की पूर्व के भांति सुचारू रूप से पुजारी के पोते भरत शर्मा को कमेटी में स्थाई सदस्य बनाकर पूजा-पाठ व निवास करने दिया जाए। साथ ही उन्होंने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों द्वारा समय पर कार्रवाई नहीं करने पर पुलिस अधिकारियों व प्रशासनिक अधिकारियों को निलंबित करने की मांग रखी है। जब तक सरकार मांगे नहीं मानेगी पुजारी का शव नहीं लिया जाएगा। आंदोलन शांतिपूर्वक रूप से चलाया जाएगा अगर प्रशासन ने किसी प्रकार की गलत कार्रवाई की तो फिर उसका जवाब भी दिया जाएगा ।


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