


अजमेर में गुरुवार देर रात ऋषि घाटी स्थित जगदीश पुरी मंदिर के पूर्व पुजारी गोविंद नारायण की जेएलएन अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। देर रात परिजनों ने शव लेने से मना कर दिया। जिसके बाद जिला पुलिस प्रशासन ने अपने स्तर पर ही शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे ब्राह्मण समाज की ओर से अपनी 4 सूत्री मांगों को लेकर महापंचायत बुलाने का आह्वान किया है।
ऋषि घाटी स्थित जगदीश पुरी मंदिर के पूर्व पुजारी गोविंद नारायण ने मंदिर कमेटी से परेशान होकर 11 अक्टूबर को मंदिर में खुद पर केरोसिन उड़ेलकर आग लगा दी। जिसके बाद वह 60 प्रतिशत झुलस गए। पुजारी को जेएलएन अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती करवाया था। जिसके बाद बुधवार को उन्हें तबीयत ज्यादा नाजुक होने पर वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया था। जहां गुरुवार रात उन्होंने दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही परिवार और समाज के लोग और पुलिस प्रशासन जेएलएन अस्पताल पहुंचा। जहां परिवार वालों और समाज के लोगों ने पुलिस से शव लेने से मना कर दिया। जिला पुलिस प्रशासन ने बॉडी को खुद के स्तर पर हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवाया है।
ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष सुदामा शर्मा ने बताया कि अस्पताल प्रशासन द्वारा पुजारी के दम तोड़ने की सूचना दी गई। समाज और परिवार ने शव उठाने से साफ तौर पर इंकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि जब तक पुजारी के परिवार को न्याय नहीं मिलेगा तब तक बॉडी नहीं उठाई जाएगी। अध्यक्ष सुदामा शर्मा ने कहा कि शुक्रवार सुबहे 8 बजे समाज द्वारा महापंचायत बुलाई गई है। जहां बैठक के बाद ही निर्णय किया जाएगा की आगे क्या करना है।
पंडित सुदामा शर्मा ने बताया कि समाज और परिवार की मांग है कि पुजारी को आत्मदाह के लिए उकसाने वाले लोगों पर तुरंत कार्रवाई की जाए, प्रशासन द्वारा पंडित परिवार को 50 लाख की आर्थिक मदद और परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जाए, वही मंदिर कमेटी की पूर्व के भांति सुचारू रूप से पुजारी के पोते भरत शर्मा को कमेटी में स्थाई सदस्य बनाकर पूजा-पाठ व निवास करने दिया जाए। साथ ही उन्होंने प्रशासन औरपुलिस अधिकारियों द्वारा समय पर कार्रवाई नहीं करने पर पुलिस अधिकारियों व प्रशासनिक अधिकारियों को निलंबित करने की मांग रखी है। गुरुवार को मांग पत्र बजरंगगढ़ स्थित कैसरबाग चौकी में एसडीएम को समाज द्वारा दिया था। इसके साथ ही पूर्व में संभागीय आयुक्त और आईजी को भी समाज ने ज्ञापन दिया था।
पंडित गोविंद नारायण आत्मदाह की कोशिश करने से पहले एक सुसाइड नोट लिखा था। जिसमें उसने लिखा- मैं गोविंद नारायण जगदीश मंदिर का पुजारी हूं। मुझे चेयरमैन परेशान करवा रहा है। प्रशासन हमारी कोई मदद नहीं कर रहा। धमकाते हुए मेरे पोते को मारने के लिए कहा। मेरी बहू के ऊपर गंदी नजर रखते हैं।
आत्मदाह का प्रयास करने वाले पंडित गोविंद नारायण के पोते भरत शर्मा ने आरोप लगाया- 4 महीने पहले ही मंदिर की कार्यकारिणी घोषित हुई है। इसके बाद से ही अध्यक्ष नरेंद्र डीडवानिया, सचिव प्रमोद डीडवानिया, उपाध्यक्ष रितेश कनोडिया और भवन प्रबंधक सुशील कनोडिया उसके दादा को मंदिर खाली करने के लिए प्रताड़ित कर रहे हैं। परेशान होकर दादा ने इस तरह का कदम उठाया है। भरत ने बताया कि इसे लेकर कोर्ट केस भी चल रहा है।
गंज थाना पुलिस द्वारा बुधवार को ही अस्पताल में बयान दर्ज कर चुकी है। उन्होंने लड़खड़ाती जुबान में मंदिर ट्रस्ट पदाधिकारियों द्वारा परिवार को परेशान करने, बहू पर गंदी नजर रखने सहित अन्य बातें कहीं और कहा कि वे मंदिर से जबरन बेदखल करना चाहते हैं। वहीं पुलिस द्वारा सुसाइड नोट के बारे में भी उनसे पूछा तो उन्होंने ही सुसाइड नोट लिखने के बात कही है।
पुलिस ने गोविंद नारायण शर्मा के परिजनों की शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर अग्रवाल पंचायत मारवाड़ी धड़ा के अध्यक्ष नरेंद्र डीडवानिया, प्रमोद डीडवानिया, रितेश कदोई और सुशील कदोई के खिलाफ धारा 385 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।