


तीन साल पहले केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री कैलाश चौधरीऔर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सांसद हनुमान बेनीवाल पर धार्मिक प्रोग्राम में जाने के दौरान कई लोगों ने जानलेवा हमला कर गाड़ी के शीशे तोड़े थे। सांसद बेनीवाल ने पंजाब कांग्रेस प्रभारी और बायतु विधायक हरीश चौधरी और उसके भाई मनीष चौधरी, प्रधान सहित 26 नामजद और 100-150 लोगों पर जानलेवा हमला करवाने का आरोप लगाया था। अब लोकसभा विशेषाधिकार हनन समिति के निर्देश पर बाड़मेर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
वहीं सांसद हनुमान बेनीवाल का कहना है कि पुलिस ने 307 धारा को नहीं जोड़ा है।नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने 14 नवंबर 2019 को बाड़मेर एसपी को लिखित रिपोर्ट दी थी। जिसमें बताया गया कि 12 नवंबर 2019 को रात के करीब 12 बजे वह और कैलाश चौधरी कार में सवार होकर बायतु हाई स्कूल में एक शाम वीर तेजाजी के नाम धार्मिक कार्यक्रम में जा रहे थे।
फलसूंड चौराहे पर पहुंचे तो वहां विधायक हरीश चौधरी के इशारे पर उनके भाई मनीष चौधरी पुत्र मूलाराम, प्रधान सिमरथाराम बेनीवाल, लक्ष्मणराम डेलू, डूंगराराम काकड़, खेताराम सारण, जसराज धतरवाल, भंवरलाल गोदारा, अबू खां, लक्ष्मणसिंह गोदारा, राजेंद्र कड़वासरा, रोशन अली, गिरधारी चौधरी, भूराराम गोदारा, भूराराम सारण, रुघाराम सारण, राजेश पोटलिया, अनिल सांई, मगनाराम, हीराराम गोदारा,सलमी खिलेरी, मनीष गोदारा, गिरधारी मूंढ, अजयपाल गोदारा, डाऊराम सारण, जेठाराम गोदारा सहित 100-150 अन्य लोगों ने घातक हथियारों तलवार, पत्थर, सरिए, देशी कट्टे, पिस्टल से उनके ऊपर जानलेवा हमला कर दिया। पिस्टल से फायर किए और पत्थरों से गाड़ी के कांच तोड़ दिए।
इस दौरान वाहन चालक जगदीश भील, गनमैन देवकरण ढाका व कैलाश चौधरी के गनमैन हेमंत कुमार और साथ बैठे राजेंद्र बेनीवाल व साथ चल रहे अन्य वाहनों में भी कार्यकर्ता थे। तत्कालीन राजस्व मंत्री हरीश चौधरी के विधानसभा में कार्यक्रम में भाग लेने के कारण सुनियोजित तरीके से हमला करवाया गया। बड़ी मुश्किल से जान बचाकर भागना पड़ा। सांसद ने एफआईआर दी गई थी लेकिन पुलिस ने दर्ज नहीं की थी।
संसद में विशेषाधिकार हनन समिति के समक्ष कई बार पेश होना पड़ा। अब प्रिविलेज कमेटी की ओर से फाइनल रिपोर्ट 23 सितंबर को डीजीपी मोहनलाल लाठर को भेज दी थी। इसके करीब 15-17 दिन बाद अब बाड़मेर पुलिस ने बायतु विधायक हरीश चौधरी समेत 27 नामजद और 100-150 अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। बायतु थाना पुलिस ने आईपीसी की धारा 147, 148, 323, 427, 336 में मामला दर्ज किया है।
केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी, नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल पर जानलेवा हमले की घटना नवंबर 2019 में हुई, इसके बावजूद भी सरकार के दबाव में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। सांसद बेनीवाल की रिपोर्ट तक थाने में दर्ज नहीं की गई। इस मामले को लेकर बेनीवाल ने पीछा नहीं छोड़ा और लोकसभा में संसद की विशेषाधिकार हनन समिति के समक्ष भी उठाया। जिसके बाद कमेटी के समक्ष तत्कालीन बाड़मेर एसपी शरद चौधरी समेत, सरकार के मुख्य सचिव को कई बार पेश होना पड़ा। अब प्रिविलेज कमेटी ने 23 सितंबर को रिपोर्ट देकर डीजीपी को मामला दर्ज का आदेश दिया। पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
एसपी दीपक भार्गव का कहना है कि घटना के समय पुलिस ने एक मुकदमा दर्ज किया था। एक ही प्रकरण की दूसरी रिपोर्ट दी थी। अब कमेटी ने राज्य सरकार को रिपोर्ट दी। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।