Saturday, 29 August 2026

धारीवाल, डॉ. जोशी और राठौड़ ने दिया नोटिस का जवाब, डैमेज कंट्रोल करने के लिए गुरुवार को तीनों जाएंगे दिल्ली


धारीवाल, डॉ. जोशी और राठौड़ ने दिया नोटिस का जवाब, डैमेज कंट्रोल करने के लिए गुरुवार को तीनों जाएंगे दिल्ली

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्णय को लेकर हाईकमान के निर्देश पर 25 सितंबर को जयपुर में बुलाई गई विधायक दल की बैठक में आने की जगह समानांतर बैठक के आरोप में संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल, सरकारी मुख्य सचेतक और जलदाय मंत्री डॉ महेश जोशी तथा राजस्थान पर्यटक विकास निगम के अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौर ने अनुशासन समिति को आरोप पत्र का जवाब प्रस्तुत कर दिया है।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि अब तीनों गुरुवार को दिल्ली में जाकर किसी तरह मामले मैनेज कराने की कोशिश में जुट गए हैं। उनकी कोशिश है कि किसी तरह से अनुशासन समिति उन्हें चेतावनी देने के साथ इस मामले में माफी दे दे। इस मामले को लेकर राजस्थान से राज्यसभा के सदस्य मुकुल वासनिक, केसी वेणुगोपाल और प्रमोद तिवारी सहयोग करने में लगे हुए हैं। 

लेकिन अभी तक अनुशासन समिति के अध्यक्ष  एके एंथोनी इस मामले में किसी प्रकार का कोई बयान नहीं दिया है। ऐसा माना जा रहा है कि अनुशासन समिति पहले तीनों के जवाबों का परीक्षण करेगी और उसके बाद अपनी रिपोर्ट अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी को प्रेषित करेगी। सोनिया गांधी अनुशासन समिति की सिफारिशों के आधार पर तीनों नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करेंगे । तीनों नेताओं ने तथ्यों को छुपाते हुए यह लिखा है कि उनके द्वारा कोई  समानांतर बैठक नहीं की गई और उन पर गलत आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने अपने जवाब में कांग्रेस हाईकमान की हर आदेश के अनुपालन करने की बात भी कही है।

ऐसा माना जा रहा है कि हाईकमान अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चुनाव से पहले इस मामले में अपना निर्णय करने के पक्ष में है। स्थिति बेहद नाजुक है और पार्टी हाईकमान इस मामले में उनके निर्देशों की पालना नहीं करने वाले तीनों के खिलाफ कोई कार्रवाई करने पर विचार कर रही है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत उक्त मामले को लेकर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी से माफी मांग कर आ चुके हैं और उन्हें यह विश्वास भी दिला कर आए हैं कि  वे कांग्रेस की परंपरा के अनुसार विधायक दल की बैठक में  हाईकमान को निर्णय का अधिकार देने का एक लाइन का प्रस्ताव भिजवा आएंगे । लेकिन अभी तक  विधायक दल की बैठक के लिए  पर्यवेक्षक नहीं आए हैं।  जबकि संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल कहा था कि मुख्यमंत्री के मामले में एक-दो दिन में निर्णय कर लिया जाएगा।



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