


ऋषि घाटी स्थित जगदीश पुरी मंदिर विवाद को लेकर मंगलवार को दोपहर के समय पूर्व पुजारी गोविंद नारायण शर्मा ने अपने आपको आग के हवाले कर आत्मदाह की कोशिश की।
गनीमत रही की पंडित गोविंद नारायण का पोता मौके पर पहुंच गया जिसने आग पर काबु कर अपने दादा को जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय भिजवाया। मंगलवार को ऋषि घाटी स्थित जगदीशपुरी मंदिर में पुजारी गोविंद नारायण शर्मा ने अपने ऊपर घासलेट छिड़ककर खुद को आग के हवाले कर दिया और आत्मदाह का प्रयास किया। जहां डॉक्टर्स ने पुजारी को प्राथमिक उपचार देने के बाद हॉस्पिटल के बर्न वार्ड में भर्ती किया है।
सूचना मिलते ही गंज थाना प्रभारी धर्मवीर सिंह सहित थाने का जाप्ता जेएलएन हॉस्पिटल पहुंचा और पंडित के परिवार से जानकारी ली, जिसके बाद घटनास्थल का पुलिस ने मौका मुआयना कर परिवार से शिकायत लेकर मुकदमा दर्ज कर किया।
आत्मदाह का प्रयास करने वाले पंडित गोविंद नारायण शर्मा के पोते भरत शर्मा ने आरोप लगाया कि 4 महिने पहले ही मंदिर की कार्यकारणी बनी थी इसके बाद से ही अध्यक्ष नरेन्द्र डीडवानिया, प्रमोद डीडवानिया, रितेश कनोडिया, सुशील कनोडिया द्वारा उनके दादा पंडित गोविंद नारायण को मंदिर से बेदखल करने के लिए प्रताडित कर रहे थे। इसको लेकर कोर्ट में केस भी चल रहा था। लेकिन मंदिर कमेटी के पदाधिकारी उसके दादा और परिवार को विभिन्न तरीकों से प्रताडित कर रहे थे। पंडित गोविंद नारायण शर्मा ने आत्मदाह से पहले एक सुसाइड नोट लिखा था ।