


उज्जैन महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर के 'महाकाल लोक' का प्रथम चरण जनता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को समर्पित हो गया। पीएम मोदी ने रिमोट का बटन दबाकर लोकार्पण किया।
पीएम मोदी ने शाम को उज्जैन पहुंचकर सबसे पहले महाकाल मंदिर पहुंचकर गर्भगृृह में करीब 20 मिनट तक पूजा-अर्चना की। इसके बाद पीएम मोदी ने महाकाल कॉरिडोर का लोकार्पण किया। उन्होंने रिमोट का बटन दबाकर लोकार्पण किया। मोदी ने पूरे परिसर का भ्रमण किया।
मोदी ने कहा कि महाकाल लोक में जब लोग आएंगे तो उन्हें यहां शिव का पूरा महत्व जानने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि शिव ही ज्ञान है और ज्ञान ही शिव है। भगवान महाकाल एक मात्र ऐसे एकमात्र ज्योतिर्लिंग हैं, जो दक्षिण मुखी हैं। यह शिव के ऐसे स्वरूप है, जिनकी भस्म आरती पूरे विश्व में प्रसिद्ध है।
उन्होंने कहा कि महाकाल लोक में सबकुछ अलौकिक है। कुछ साधारण नहीं है। सब अविश्वसनीय है।
मैं शिवराज सिंह चौहान और उनकी सरकार का हृदय से अभिनंदन करता हूं। जो लगातार इतने समर्पण से इस सेवा यज्ञ में लगे हुए हैं। साथ ही मैं मंदिर ट्रस्ट और संतों और विद्वानों का भी आदरपूर्वक धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने इस प्रयास को सफल किया।
पीएम मोदी ने कहा कि महाकाल की नगरी प्रलय के प्रहार से भी मुक्त है। हजारों वर्ष पूर्व जब भारत का भौगोलिक स्वरूप आज से अलग रहा होगा, तब से यह माना जाता रहा है कि उज्जैन भारत के केंद्र में हैं। एक तरह से ज्योतिषय गणनाओं में न केवल भारत का केंद्र रहा है, यह भारत की आत्मा का केंद्र भी रहा है। यह वो नगर है जहां भगवान कृष्ण ने शिक्षा ग्रहण की थी।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कल तक पानी बरस रहा था, आज आनंद ही आनंद बरस रहा है। क्योंकि मोदीजी पधारे हैं।
इस मौके पर राज्यपाल मंगूभाई पटेल और सीएम शिवराज सिंह चौहान भी साथ थे। सभा स्थल पर पीएम मोदी के कार्यक्रम में जाने-माने गायक कैलाश खेर ने भी अपनी प्रस्तुति दी। मध्यप्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग ने इसका आयोजन किया था। मंच पर केंद्रीय नगर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुइया उइके, झारखण्ड के राज्यपाल रमेश बेस, प्रहलाद पटेल, वीरेंद्र कुमार और फग्गन सिंह कुलस्ते, मंत्री भूपेंद्र सिंह और उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया भी मौजूद थे।