Saturday, 29 August 2026

आजादी का अमृत महोत्सव जनजातीय समुदायों के बलिदान को याद करने का अवसर: कलराज मिश्र


आजादी का अमृत महोत्सव जनजातीय समुदायों के बलिदान को याद करने का अवसर:  कलराज मिश्र

राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा है कि हमारे देश के जनजातीय समुदाय ने अपनी उत्कृष्ट कला और शिल्प के माध्यम से देश की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय ने अपनी पारंपरिक प्रथाओं के माध्यम से पर्यावरण संवद्र्धन,सुरक्षा और संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाई है ।

राज्यपाल  मिश्र आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग द्वारा मंगलवार को गोविन्द गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय बांसवाड़ा में आयोजित “स्वतंत्रता संग्राम में जनजाति नायकों का योगदान” विषयक कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल  मिश्र ने मातृभूमि की स्वतंत्रता एवं अधिकारों की रक्षा के लिए  आदिवासी आंदोलनों की चर्चा करते हुए  गोविन्दगुरु, नाना भाई खांट एवं  वागड़ की झांसी काली बाई के योगदान को स्मरण किया ।

राज्यपाल  मिश्र ने कहा कि  केंद्र और राज्य सरकारें जनजाति कल्याण हेतु अनेकानेक योजनाओं का संचालन कर रही हैं। इन योजनाओं के सम्यक क्रियान्विति की मॉनिटरिंग की दिशा में राजभवन ने जनजाति परिवर्तन एकीकरण की स्थापना की है।

कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ मन्ना लाल रावत, सामाजिक कार्यकर्ता भगवान सहाय, राष्ट्रीय जनजाति आयोग के क्षेत्रीय उपनिदेशक आरके दुबे, जीजीटीयू के कुलपति प्रो आई वी त्रिवेदी ने भी विचार व्यक्त किए । राज्यपाल मिश्र के बांसवाड़ा सर्किट हाऊस पहुंचने पर जिला कलक्टर प्रकाशचन्द्र शर्मा एवं जिला पुलिस अधीक्षक राजेश मीणा ने उनकी अगवानी की तथा पुलिस जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया।



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