


मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी राजनीतिक पकड़ को मजबूत करने के लिए अब राज्य में बनाए गए निगम बोर्ड के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को सक्रिय करना शुरू कर दिया है। उन्होंने होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी है।
सीएम गहलोत ने शनिवार शाम को सीएमआर में इन सभी को बुलाकर आपातकालीन बैठक की और यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी।
सीएम गहलोत ने बैठक में सभी पदाधिकारियों को उनकी अपनी इच्छा से तीन जिलों की पसंद मांगी है, जहां वे फ्लैगशिप योजनाओं का प्रचार करेंगे। पदाधिकारियों को कहा गया है कि लगातार दो बार से चुनाव हार रही सीटों पर लोगों के बीच ज्यादा से ज्यादा मुलाकात करें और उन्हें सरकार की विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं का भरपूर प्रचार करे। सत्ता, संगठन, सरकार, प्रशासन के बारे में सरकार को लगातार फीडबैक देते रहें। कोई अधिकारी-कर्मचारी अगर ठीक से काम न कर रहा हो, तो उसकी कार्यशैली के बारे में भी कांग्रेस मुख्यालय और सरकार तक जानकारी पहुंचाए।
सीएम गहलोत ने कहा कि आप सभी कोसभी को खास तौर पर मुख्यमंत्री चयन जी भी स्वास्थ्य बीमा योजना की प्रचार प्रसार को प्राथमिकता देनी है उन्होंने कहा कि इस योजना की संपूर्ण जानकारी के लिए सभी को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे । उन्होंने कहा कि आपको हाल प्रभार वाले जिले में नीचे के स्तर तक यह जानकारी देनी है कि उन्हें इसका लाभ मिल रहा है या नहीं । इस योजना के प्रभावशाली तरीके से लागू नहीं होने की स्थिति में सीधे तौर पर मुख्यमंत्री कार्यालय को अपनी रिपोर्ट से अवगत कराएं जिससे की स्थिति में सुधार लाया जा सके ।
सीएम गहलोत की बैठक में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा मौजूद थे उन्होंने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश कांग्रेस का आगामी 10 दिन में गठन कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आगामी समय में प्रत्येक जिले में प्रभारी मंत्री, प्रदेश कांग्रेस का पदाधिकारी और निगम बोर्ड के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष त्रिस्तरीय व्यवस्था कर पार्टी के प्रचार प्रसार को तेज करेंगे।
बीसूका उपाध्यक्ष डॉ. चंद्रभान, वित्त आयोग के चेयरमैन प्रदुमन सिंह, खादी बोर्ड के अध्यक्ष बृजकिशोर शर्मा, बीज निगम के अध्यक्ष धीरज गुर्जर, राजस्थान वरिष्ठकल्याण बोर्ड के अध्यक्ष गोपाल सिंह ईडवा, राजस्थान किसान आयोग के अध्यक्ष महादेव सिंह खंडेला, राजस्थान हज कमेटी के अध्यक्ष अमीन कागजी, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष रफीक खान, जीआर खटाणा, वाणिज्य कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुरेश मोदी, मेवात बोर्ड के अध्यक्ष जुबेर खान, ओबीसी वित्त आयोग के अध्यक्ष पवन गोदारा, अभाव अभियोग बोर्ड के अध्यक्ष पुखराज पाराशर, किसान आयोग के उपाध्यक्ष दीपचंद खैरिया,राजस्थान विप्र बोर्ड की उपाध्यक्ष मंजू शर्मा,राजस्थान वरिष्ठकल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष एडवोकेट राजेश टंडन सहित 50 से अधिक अध्यक्ष-उपाध्यक्ष इस दौरान मौजूद रहे।