Saturday, 29 August 2026

3 दिवसीय इंडियन सोसाइटी ऑफ पीडियाट्रिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलॉजी एंड न्यूट्रिशन का 9 वां वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन, चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा करेंगे 8 अक्टूबर को उद्घाटन


3 दिवसीय इंडियन सोसाइटी ऑफ पीडियाट्रिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलॉजी एंड न्यूट्रिशन का 9 वां वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन, चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा करेंगे 8 अक्टूबर को  उद्घाटन

जयपुर में पहली बार तीन दिवसीय इंडियन सोसाइटी ऑफ पीडियाट्रिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलॉजी एंड न्यूट्रिशन का 9वां वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन और इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के पीडियाट्रिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी चैप्टर का 32वां वार्षिक सम्मेलन आयोजित की जा रही है। यह सम्मेलन 7 अक्टूबर से 9 अक्टूबर 2022 तक चलेगा। 

आयोजन अध्यक्ष और जेके लोन अस्पताल, अधीक्षक, डॉ आर के गुप्ता ने बताया कि सम्मेलन की शुरुआत आज 5 प्री कांफ्रेंस वर्कशॉप के साथ हुई। न्यू बॉर्न और चाइल्ड में तेजी से बढ़ रहीं पेट और लीवर से संबंधित बीमारियों में वृद्धि के कारण इस वर्ष सम्मेलन का विषय बड़ी ही सुझ बूझ से रखा गया है “गट एंड लिवर इमर्जिंग ट्रेंड्स“। सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन शनिवार, 8 अक्टूबर को जे एल एन मार्ग स्थित, होटल क्लार्क्स आमेर में सुबह 11 बजे, मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री, प्रसादी लाल मीणा द्वारा किया जाएगा। चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख शासन सचिव  डॉ. वैभव गलरिया और चिकित्सा शिक्षा विभाग आयुक्त डॉ. घनश्याम कार्यक्रम के गेस्ट ऑफ़ हॉनर होंगे। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि प्राचार्य और नियंत्रक, एसएमएस मेडिकल कोलाज एंड ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स, डॉ. राजीव बगरट्टा होंगे। इंडियन सोसाइटी ऑफ पीडियाट्रिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलॉजी एंड न्यूट्रिशन,राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. नीलम मोहन; भारतीय बाल रोग अकादमी (आईएपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रमेश कुमार आर और आईएपी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. संतोष टी सोन्स भी सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। 

ओर्गनइजिंग सेक्रेटरी, डॉ ललित भारड़िया ने बताया कि आज मेडिकल फेस्ट के पहले दिन 5 प्री कांफ्रेंस कार्यशालाएं आयोजित की गईं, जिनमें से 3 कार्यशालाएं बाल चिकित्सा एंडोस्कोपी के बारे में थीं, जिसमें विशेषज्ञों ने बाल चिकित्सा गैस्ट्रोएंटरोलॉजी में प्रबंधन में सुधार के लिए बाल चिकित्सा एंडोस्कोपी के बारे में पढ़ाया। बेसिक एंडोस्कोपी कार्यशाला के संयोजक डॉ नटवर परवल ने अपनी टीम के साथ एंडोस्कोपी की मूल बातें बताईं और सूर्या अस्पताल में उपस्थित लोगों को प्रशिक्षण प्रदान किया। एसडीएमएच में चिकित्सीय तौर-तरीकों को पढ़ाने वाले डॉ ललित भराडिया और डॉ साजन अग्रवाल ने एसआर कल्ला अस्पताल में बाल चिकित्सा एंडोस्कोपी में हालिया प्रगति सिखाई। 

जेकेलोन अस्पताल में बाल चिकित्सा गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और हेपेटोलॉजी में रेडियोलॉजी और लैब व्याख्या के बारे में कार्यशाला आयोजित की गई। रेडियोलॉजी कार्यशाला की संयोजक डॉ. प्रीति विजय ने बताया कि कार्यशाला में इस क्षेत्र में विभिन्न विकारों के निदान के कौशल में सुधार के लिए प्रयोगशाला मानकों रेडियोलॉजी की मूल बातें और प्रगति पर चर्चा की गई। 

महात्मा गांधी अस्पताल में पोषण पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला के संयोजक डॉ. गौरव अग्रवाल और डॉ. रवि भारद्वाज ने विभिन्न गैस्ट्रो और लीवर विकारों में पोषण, जीर्ण जिगर की बीमारी, सीलिएक रोग, विल्सन रोग और गैलेक्टोसिमिया आदि पर विस्तार से चर्चा की गई। दिल्ली से इंडियन सोसाइटी ऑफ पीडियाट्रिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलॉजी एंड न्यूट्रिशन, अध्यक्ष डॉ नीलम मोहन ने एंडोस्कोपी कार्यशालाओं का उद्घाटन किया और भारत में और अधिक बाल रोग गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट की आवश्यकता पर जोर दिया। इन कार्यशालाओं में 150 से अधिक प्रतिनिधियों और 50 संकायों ने भाग लिया।

डॉ. आरके गुप्ता और डॉ ललित भारदिया ने बताया कि 5 से अधिक अंतरराष्ट्रीय और 70 से अधिक राष्ट्रीय वक्ता सम्मेलन में बाल रोग विशेषज्ञों और बाल रोग गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट के ज्ञान को समृद्ध करने के लिए अपने अनुभव और शोध साझा कर रहे हैं। 

डॉ. नटवर परवल ने अंत में कहा कि अंततः ये तीन दिन बाल रोग विशेषज्ञों, बाल रोग गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और हेपेटोलॉजिस्ट के प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों के एक साथ आने के लिए महान संयोजन है जिसमें बहुत सारी शिक्षाविद और मजेदार गतिविधियाँ शामिल हैं जो सभी के लिए बेहतरी में मदद करेंगी।

 


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