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भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के प्रस्तावित दाैरे काे देखते हुए बीकानेर से लेकर जयपुर तक राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पूर्व सीएम राजे के दाैरे की रूपरेखा और भाटी की भाजपा में वापसी के मामले में प्रदेश संगठन ने दूरी बना रखी है। राजे ने राष्ट्रीय महामंत्री और प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह से बातचीत के बाद ही बीकानेर दौरे की योजना बनाई है।
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया और पूर्व सीएम राजे के बीच संबंध अच्छे नहीं है। इसलिए पूर्व सीएम राजे का मामला दिल्ली पहुंचा। लाेकसभा चुनाव में पार्टी छाेड़कर गए पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी को फिर से लाने की प्रक्रिया तय हा़े गई। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. पूनियां ने कहा कि पूर्व मंत्री भाटी का मामला प्रदेश का विषय नहीं है। इस मामले में सिर्फ प्रभारी अरुण सिंह ही अधिकृत हैं। इधर जिले के जिम्मेवार कार्यकर्ता और नेता प्रदेश नेतृत्व के इशारे का इंतजार कर रहा है। इधर पूर्व मंत्री भाटी ने कहा कि उन्हें पूर्व सीएम राजे ने भाजपा में उन्हें वापस लाने के लिए बोला है। ऐसे में उन्होंने शीर्ष नेतृत्व से इस बारे में बात जरूर की हाेगी।
नाेखा से भाजपा विधायक बिहारीलाल बिश्नाेई राजे की बुलाई जयपुर की बैठक में नहीं गए। इसलिए नाेखा का दाैरा नहीं बना लेकिन देवी सिंह भाटी और स्थानीय प्रधान की सक्रियता बढ़ी ताे कुछ दिन पहले ही चुपचाप जयपुर में राजे से मुलाकात करने पहुंच गए। अब नाेखा में स्वागत करने की तैयारी में जुट गए हैं। लाेगाें का कहना है कि बिहारी का झुकाव इन दिनाें केंद्रीय संस्कृति राज्य मंत्री और बीकानेर से सांसद अर्जुनराम मेघवाल की तरफ हाेने लगा है।
लूणकरणसर विधायक खुले ताैर पर अर्जुनराम के साथ हैं। बीकानेर पूर्व की विधायक राजे के लिए खुलकर मैदान में आ गई। इसके अलावा खाजूवाला से उम्मीदवार रहे डाॅ.विश्वनाथ मेघवाल भी राजे के लिए जुटे हैं। लूणकरणसर में निर्दलीय चुनाव लड़ चुके उम्मीदवार भी भाटी के साथ आ गए। राज्य मंत्री और बीकानेर से सांसद अर्जुनराम मेघवाल समर्थक विधायक राजे के दाैरे से दूरी बना रहे हैं। मेयर सुशीला कंवर पार्टी के निर्णय का इंतजार कर रही हैं। गाेपाल जाेशी के पाेते भी साथ हैं।
पूर्व सीएम राजे के दाैरे के दिन राज्य मंत्री और बीकानेर से सांसद अर्जुनराम मेघवाल बीकानेर से बाहर हाेंगे। बाेले, उस दिन गुरुपूर्णिमा हैं। बीकानेर से बाहर हूं। देवी सिंह भाटी की ज्वाॅइनिंग के सवाल पर मेघवाल ने कहा कि ये मामला संगठन का है। वही बता सकते हैं लेकिन जितनी मुझे जानकारी है ज्वाॅइनिंग की एक प्रक्रिया हाेती है। इसके लिए चार-पांच लाेगाें की कमेटी बनी हुई है। मेरी जानकारी में अभी तक वहां से कुछ क्लियर नहीं हुआ।
भाटी के पार्टी से अलग हाेने के बाद राज्य मंत्री और बीकानेर से सांसद अर्जुनराम मेघवाल जिले के एक छत्र नेता बने हुए हैं। भाटी के आने के बाद सीधे फिर से दाे धड़े बन जाएंगे। जिसका असर पूरे जिले में पड़ेगा। यह बिखराव राजे के दाैरे के दिन से ही नजर आएगा। हालांकि पंचायत चुनाव में इन दाेनाें नेताओं के बीच समझाैते की कवायद हुई थी लेकिन सिरे नहीं चढ़ी।