Saturday, 29 August 2026

राम मंदिर का काम 50 फीसदी पूरा, आचार्य धर्मेंद्र ने 50 साल आंदोलन की अगुवाई की : योगी आदित्यनाथ


राम मंदिर का काम 50 फीसदी पूरा, आचार्य धर्मेंद्र ने 50 साल आंदोलन की अगुवाई की :  योगी आदित्यनाथ


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि  स्वर्गीय आचार्य धर्मेंद्र का तेज छत्रपति शिवाजी जैसा प्रचंड था। उन्होंने देश की पुरानी और धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाया। आचार्य धर्मेंद्र ने विश्व हिंदू परिषद के नेतृत्व में राम मंदिर आंदोलन को तेजी दी थी। उन्होंने 50 साल तक सांस्कृतिक आंदोलन में हिन्दू समाज को नेतृत्व दिया। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ गुरुवार को आचार्य धर्मेंद्र के उत्तराधिकारी स्वामी सोमेंद्र की चादरपोशी कार्यक्रम में बोल रहे थे।

यूपी के सीएम योगी ने कहा कि जब देश का विभाजन हुआ तो संतों की ओर से किए गए विरोध में इस पीठ की बड़ी भूमिका रही। संत कर्म करते हैं, फल की चिंता नहीं करते।

उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर के निर्माण के कार्य को आगे बढ़ाया है। राम मंदिर का काम 50 फीसदी पूरा हो चुका है। समर्थ गुरु रामदास की परंपरा को जिस तरह स्वामी विवेकानंद ने आगे बढ़ाया था, उसी तरह स्वामी सोमेंद्र अब आचार्य धर्मेंद्र की परंपरा को आगे बढ़ाएंगे।

योगी आदित्यनाथ और सांसद बाबा बालक नाथ लखनऊ से हेलिकॉप्टर से सुबह 10.40 बजे जयपुर जिले के कस्बे विराटनगर के पंच खंड हनुमान मंदिर (भीम डूंगरी) के पास हेलिपेड पर उतरे। यहां से पंच खंड हनुमान मंदिर पहुंचे। सुबह साढ़े 11 बजे वे विराटगर से निकल गए। उन्होंने 15 मिनट सभा को संबोधित किया।

महात्मा रामचन्द्र वीर महाराज के पुत्र आचार्य धर्मेंद्र विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल में रहे हैं। उनका पूरा जीवन हिंदी, हिंदुत्व और हिंदुस्थान के उत्कर्ष के लिए समर्पित रहा। आचार्य का जन्म 9 जनवरी 1942 को गुजरात के मालवाड़ा में हुआ।

पिता महात्मा रामचंद्र वीर महाराज के आदर्शों और व्यक्तित्व का इन पर ऐसा प्रभाव पड़ा कि इन्होंने 13 साल की उम्र में वज्रांग नाम से एक समाचार-पत्र निकाला था। आपको बता दें कि बाबरी विध्वंस मामले में लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, उमा भारती जितने भी लोग थे उसमें आचार्य धर्मेंद्र को भी आरोपी माना था।

राम जन्म भूमि के ताले खुलवाने के लिए अक्टूबर 1984 को सीतामढ़ी से दिल्ली तक राम जानकी रथ यात्रा में अहम भूमिका निभाई​। ​​​​​​1996 में गोहत्या पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर चर रहे आंदोलन में सक्रिय रहे। इस दौरान आचार्य धर्मेन्द्र ने 52 दिन तक संसद के बाहर अनशन किया।

आचार्य धर्मेंद्र के पिता महात्मा रामचंद्र वीर महाराज थे। आचार्य धर्मेंद्र गृहस्थ संन्यासी थे, उनके दो बेटे हैं। सोमेंद्र और प्रणवेंद्र शर्मा। सोमेंद्र ने गुरुवार को विराटनगर में पिता का उत्तराधिकार संभाला। आचार्य सोमेंद्र की पत्नी अर्चना शर्मा गहलोत सरकार में सामाजिक कल्याण बोर्ड की चेयरपर्सन हैं।

कार्यक्रम की ASP स्तर के अधिकारियों ने व्यवस्था संभाली। कार्यक्रम में सीकर सांसद सुमेधानंद, अलवर सांसद बालकनाथ, अलवर-रामगढ़ के पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा, विराटनगर के पूर्व विधायक फूलचंद भिंडा, देवीसिंह, रानी रत्नाकुमारी समेत कई जनप्रतिनिधि व संतों ने हिस्सा लिया।

 



Previous
Next

Related Posts