Saturday, 29 August 2026

राजनीतिक हलचल के बीच पायलट पहुंचे जयपुर,गतिविधियां हुई तेज, सभी को अगले कदम का है इंतजार


राजनीतिक हलचल के बीच पायलट पहुंचे जयपुर,गतिविधियां हुई तेज, सभी को अगले कदम का है इंतजार


कांग्रेस में चल रही राजनीतिक गतिविधियों के बीच पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट सोमवार को दिल्ली से जयपुर पहुंच गए। पायलट एक सप्ताह के बाद जयपुर लौटे है। ऐसे में उनके जयपुर आने के बाद राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई है। पायलट के जयपुर लौटते ही उनके सरकारी आवास मार्केटिंग राज्यमंत्री मुरारी लाल मीणा और विधायक वेद प्रकाश सोलंकी ने पायलट से मुलाकात और राजनीतिक मंत्रणा की। पायलट मैं अभी चुप्पी  साध रखी हैं और कोई भी ऐसा बयान नहीं दे रहे हैं जिससे राजनीतिक परिपेक्ष में कोई नई स्थिति पैदा हो फिलहाल उनके गुट के नेताओं में पूरी तरह शांति है। 

राजनीतिक क्षेत्र में आज भी यह चर्चा आम है कि पिछली 25 सितंबर को होने वाली कांग्रेस विधायक दल की बैठक में भाग लेने के लिए सीएम आवास सचिन पायलट और उसके समर्थक पहुंचे थे लेकिन देर रात तक भी सीएम गहलोत गुट के  विधायकों की नाराजगी के चलते नहीं विधायक दल की बैठक नहीं हो पाई थी और ऐसे में आलाकमान को एक लाइन का प्रस्ताव भी अटक गया था। वहीं ऐसे में अब हर किसी की निगाह पायलट के अगले कदम पर बनी हुई है। 

सूत्रों का कहना है कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद के चुनाव  का फैसला 19 अक्टूबर को आएगा। ऐसे में यह जताया जा रहा है कि प्रदेश  का राजनीतिक गतिरोध उस समय ही पूरी तरह से समाप्त हो सकेगा। कांग्रेस अध्यक्ष के लिए 17 अक्टूबर को  प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में  राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए मतदान होगा। इसमें राजस्थान से भी 400  प्रदेश कांग्रेस के सदस्य वोट डालेंगे।

गौरतलब हैं कि राजस्थान में चले कांग्रेस के घटनाक्रम और समानांतर विधायक दल की बैठक करने के मामले में प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने अपनी रिपोर्ट सोनिया गांधी को भेजी थी। इसके बाद पार्टी की अनुशासन समिति  के सचिव तारिक अनवर ने संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल, सरकारी मुख्य सचेतक और जलदाय मंत्री महेश जोशी और आरटीडीसी चेयरमैन धर्मेन्द्र राठौड़ को कारण बताओ नोटिस जारी किया  था और  उन्हें 10 दिन में  अपना जवाब देने को कहा है। इसके बाद जोशी तो अपना पक्ष रखने के लिए एआईसीसी गए थे और वहां कई नेताओं से मुलाकात की थी। इन नेताओं के खिलाफ जब तक अनुशासन समिति के अध्यक्ष एके एंटोनी  सजा नहीं सुना देते तब तक विधायक दल की बैठक टाली जा सकती है। ऐसे में राजस्थान का गतिरोध कुछ दिन और चलेगा । लेकिन यह है कि राजस्थान में विधायक दल की बैठक होगी और एक लाइन का प्रस्ताव पारित होकर हाईकमान को अधिकार सौंपा जाएगा। 


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