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जोधपुर संभाग में राजनीतिक तौर पर परचम फहराने वाले स्वर्गीय परसराम मदेरणा की पोती कांग्रेस विधायक दिव्या मदेरणा ने अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर सीधे तौर पर हमला बोलना शुरू कर दिया है। परसराम मदेरणा को मुख्यमंत्री नहीं बनने देने की कसक को लेकर उनकी पोती अब सीएम गहलोत पर तंज कस रही है कि मुट्ठीभर बाजरे के लिए दिल्ली की बादशाहत खो दी।
उनका कहना है कि सीएम गहलोत मुख्यमंत्री रह भी जाते हैं तो कोई बात नहीं होगी। क्योंकि वे तीन बार इस पद पर रह चुके हैं। अपने तीन वफादार लोगों की नादानी की वजह से अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष का पद आने से पहले ही चला गया।
कांग्रेस विधायक दिव्या मदेरणा ने शेरशाह सूरी की कहावत के जरिए इशारों में संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल, सरकारी मुख्य सचेतक और जलदाय मंत्री डॉ.महेश जोशी और राजस्थान पर्यटक विकास निगम के अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ को निशाने पर लिया है।
कांग्रेस विधायक दिव्या ने कहा कि सीएम गहलोत ने खुद कहा था कि हर गलती कीमत मांगती है। उनके तीन वफादार लोगों की नादानी की कीमत पूरा प्रदेश और जोधपुर चुकाएगा। उनके तीन बहुत खास मानें जाने वाले लोगों की गलतियों की कीमत अध्यक्ष पद खोकर चुकाई। इसका मुझे दुख है। क्योंकि एक साधारण परिवार में पैदा हुआ व्यक्ति अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष बनता तो हमें गर्व होता।
दिल्ली के बादशाह शेरशाह सूरी ने 1544 में मारवाड़ पर चढ़ाई की थी। उस समय मारवाड़ के शासक मालदेव थे। गिरी-सुमेल के युद्ध में मालदेव के सेनापति जेता और कूंपा ने शेरशाह की सेना के छक्के छुड़ा दिए थे। इस युद्ध में जेता-कुंपा के साहस और युद्ध कौशल से शेरशाह की सेना हार की कगार पर थी। तब शेरशाह सूरी ने कहा था- मुट्ठी भर बाजरे के लिए मैं पूरे हिंदुस्तान की बादशाहत लगभग खो देता।