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कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रहे राजनीतिक घमासान के बीच शनिवार को राज्यपाल कलराज मिश्र ने शांति एवं अहिंसा निदेशालय को विभाग में बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। राजपाल मिश्र द्वारा प्रस्ताव को मंजूरी के बाद शांति अहिंसा निदेशालय की जगह अब शांति अहिंसा नया विभाग बन गया है। प्रदेश में बने इस नए शांति और अहिंसा विभाग को कई शक्तियां मिलेंगी। साथ ही विभाग के कामकाज के लिए स्टाफ की बढ़ोतरी और अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी। इसे लेकर वित्त विभाग ने भी स्वीकृति दी है। सीएम गहलोत ने बजट 2022-23 में विभाग का गठन की घोषणा की थी। शांति-अहिंसा विभाग का गठन इसलिए किया गया है ताकि महात्मा गांधी के शांति और अहिंसा के सिद्धांत को जन-जन तक पहुंचाया जाए, साथ ही गांधी की विचारधारा को युवाओं और आमजन तक पहुंचाया जाए कि किस प्रकार महात्मा गांधी के नेतृत्व में आंदोलन की जंग में ऐतिहासिक आंदोलन किए गए थे। भारत छोड़ो आंदोलन, दांडी यात्रा, जैसे आंदोलनों के प्रचार प्रसार का जिम्मा इस विभाग को दिया है।