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अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष के लिए दावेदारों के पास नामांकन भरने के लिए शुक्रवार का दिन आखिरी है। कहने को तो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी को प्रदेश में हुई घटना के लिए माफी मांगी और उन्होंने अध्यक्ष पद पर कोई दावेदारी नहीं करने की बात कही है।
इस घटनाक्रम के बाद मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे। उन्होंने अध्यक्ष पद के लिए फॉर्म भी खरीद रखा है और उसे भरने की तैयारी पूरी कर रखी है शुक्रवार को वह अंतिम दिन नामांकन करने की बात कह चुके हैं। अध्यक्ष पद के फॉर्म भरने के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे,मीरा कुमार, मुकुल वासनिक और कुमारी शैलजा का नाम भी चर्चा में है।
वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस का एक वर्ग दिग्विजय सिंह को अध्यक्ष बनाने के पक्ष में नहीं है। ऐसे में सीएम गहलोत का नाम अध्यक्ष पद के लिए फिर से चर्चा में आने लगा है। राज्यसभा में प्रतिपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल, मुकुल वासनिक और पवन बंसल ने अब फिर से सीएम गहलोत के पक्ष में लॉबिंग करना शुरू कर दिया है। यह बात भी सही है सीएम गहलोत ने सोनिया गांधी से माफी मांगने के बाद उक्त सभी नेताओं से मुलाकात की है। यह भी कहा जा रहा है कि पवन बंसल ने अध्यक्ष पद के लिए 2 फॉर्म खरीदे गए उनका उपयोग शुक्रवार को आपसी सहमति बनी तो सीएम गहलोत को यह फॉर्म भरा जा सकता है। जी-23 के नेताओं ने भी सीएम गहलोत से शुक्रवार को जोधपुर हाउस में मुलाकात की है। फिलहाल स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है लेकिन चर्चा फिर शुरू हो गई है कि सीएम गहलोत भी अध्यक्ष पद की दौड़ में फिर से शामिल हो गए हैं।
जी -23 के नेताओं ने अपना वजूद को कायम रखने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर अपना उम्मीदवार खड़ा करने की कवायद शुरू कर दी है। इसी को लेकर दिल्ली में आनंद शर्मा के निवास पर गुरुवार को देर शाम जी -23 के नेताओं ने बैठक हुई है। इस बैठक में अध्यक्ष पद पर दावेदारी करने के लिए विस्तार से चर्चा की गई और तय किया गया कि अध्यक्ष पद पर नामांकन भरा जाना चाहिए । इनमें मनीष तिवारी का नाम सबसे आगे है।
गुरुवार रात दिल्ली में कांग्रेस नेता आनंद शर्मा के घर कांग्रेस पार्टी के जी - 23 गुट की बैठक हुई। बैठक में मनीष तिवारी, पृथ्वीराज चव्हाण, बीएस हुड्डा सहित कांग्रेस जी - 23 गुट के कई बड़े नेता मौजूद रहे। बैठक के बाद आनंद शर्मा सीएम अशोक गहलोत से मिलने दिल्ली के जोधपुर हाउस पहुंचे।यह बात भी सही है कि अब शशि थरूर को अध्यक्ष पद का फॉर्म भराने जी - 23 गुट के नेता पक्ष में नहीं है।