



कर्मचारी नेता से राजनीति में आए धर्मेंद्र सिंह राठौड़ अब गहलोत समर्थक बनकर राजस्थान पर्यटक विकास निगम के अध्यक्ष ने पायलट समर्थकों को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मानेसर जाने वाले विधायकों की तुलना घर से भागी लड़की की तरह है। आरटीडीसी के अध्यक्ष राठौड़ ने सचिन पायलट को गद्दार कहां और उनकी खुली खिलाफत की। उन्होंने कहा कि वह सचिन पायलट उनके समर्थक किसी अन्य मुख्यमंत्री नहीं बनने देंगे चाहे उन्हें कुछ भी करना पड़े। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति के सचिव तारिक अनवर द्वारा उन्हें हाईकमान के खिलाफ बैठक करने का आरोपी मानते हुए उन्हें नोटिस दिया गया है और 10 दिन में जवाब देने के निर्देश दिए हैं । इसी के बाद से वह सचिन पायलट उनके समर्थकों के खिलाफ खुली बयान बाजी कर रहे हैं।राजस्थान कांग्रेस के उन तीन नेताओं में शामिल हैं जिन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। आरटीडीसी अध्यक्ष राठौड़ बचाव की मुद्रा में आ गए हैं और वह कह रहे हैं कि उन्होंने हमेशा ही आलाकमान के आदेश का माना है। लेकिन उनकी नासमझी और जल्दबाजी में उठाए गए कदम के कारण आज मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की 50 साल के राजनीतिक कैरियर पर दाग लग गया है। यही नहीं अब सीएम गहलोत को हाईकमान के समक्ष विवादित बना दिया है। वे अपने बचाव के लिए माफी मांगने के लिए भी मजबूर हो रहे हैं। उल्लेखनीय है कि धर्मेंद्र राठौड़ को सीएम गहलोत ने गुजरात में कांग्रेस को चुनाव जिताने की अहम जिम्मेदारी दे रखी है। खुद राठौड़ भी भविष्य में अजमेर लोकसभा या पुष्कर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की रणनीति में जुटे हुए हैं।