


.jpg)
केंद्र सरकार ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया ( पीएफआई ) संगठन पर बैन लगा दिया है। इसके 8 सहयोगी संगठनों पर भी 5 साल के लिए पाबंदी लगाई गई है। बैन लगाने की मांग कई राज्यों ने केंद्र सरकार से की थी। बुधवार को जयपुर के ऑफिस में भी ताला लगा रहा।
अजमेर दरगाह के दीवान जेनुएल आबेदीन ने कहा है कि पीएफआई पर बैन बहुत पहले लग जाना चाहिए था। देर आए दुरुस्त आए। बैन का कदम काबिले तारीफ है। पांच साल पहले से षड्यंत्र रच रहे थे। जांच-पड़ताल के बाद यह कदम उठाया। अब कोई गुंजाइश नहीं।
दरगाह के दीवान जेनुएल आबेदीन ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से पीएफआई पर बैन लगाने के बाद दरगाह दीवान ने बयान जारी कर कहा- इस किस्म की जितनी जमायते काम कर रही हैं, उनके खिलाफ भी सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। ताकि देश की एकता व अखंडता बनी रहे। नौजवानों से आग्रह किया कि वे इन जमातों के बहकावे में नहीं आएं। देश हित में काम करें। देश अगर सुरक्षित है, तो हम सुरक्षित हैं। किसी भी संस्था या विचार से बड़ा देश होता है। यदि कोई इस देश को तोड़ने की बात करता है, यहां की एकता तोड़कर देश के अमन-चैन को खराब करने की बात करता है, उसे इस देश में रहने का हक नहीं ।
उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से पीएफआई की देश विरोधी गतिविधियों की लगातार खबरें आ रही हैं। देश के मुसलमानों के लिए यह विचारणीय बिन्दु है कि मूल रूप से वहाबी विचारधारा के साथ युवाओं का ब्रेनवॉश करने के पीएफआई पर लगे आरोपों पर गौर करते हुए मुसलमानों को देश की स्थिरता और शांति के प्रयास में मदद करनी चाहिए। ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल ने 30 जुलाई को दिल्ली में आयोजित सर्वधर्म सम्मेलन में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के सामने पीएफआई पर प्रतिबंध लगाने की सबसे पहले मांग की थी।