Saturday, 29 August 2026

परियोजनाएं समय पर पूरी करने में आ रही समस्याओं का लें फीडबैक,जल कनेक्शनों की संख्या पांच हजार प्रतिदिन से अधिक पर ले जाएं


परियोजनाएं समय पर पूरी करने में आ रही समस्याओं का लें फीडबैक,जल कनेक्शनों की संख्या पांच हजार प्रतिदिन से अधिक पर ले जाएं

अतिरिक्त मुख्य सचिव जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी डॉ. सुबोध अग्रवाल ने कहा कि फील्ड अभियंता ठेकेदार फर्मों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुनें और उनसे विभिन्न परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में आ रही समस्याओं पर फीडबैक लें। 

 

डॉ. अग्रवाल मंगलवार को जल भवन में विभिन्न पेयजल परियोजनाओं एवं जल जीवन मिशन की प्रगति की वीसी के माध्यम से समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एसीएस स्तर पर भी ठेकेदार फर्मों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की जाएगी ताकि विभिन्न परियोजनाओं की गति बढ़ाकर समय पर उन्हें पूरा किया जा सके।  

 

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने जल जीवन मिशन में प्रतिदिन होने वाले जल कनेक्शन की संख्या 3250 तक पहुंचने को अच्छा संकेत बताते हुए इसे 5 हजार से अधिक प्रतिदिन तक ले जाने के निर्दश दिए हैं। उन्होंने एमडी जल जीवन मिशन एवं अन्य अधिकारियों को दिसम्बर के अंत तक सभी कार्यादेश जारी करने की तय सीमा को ध्यान में रखने को कहा। उन्होंने जनता जल योजनाओं के पीएचईडी को ट्रांसफर करने के कार्यों में भी गति बढ़ाने तथा 2 अक्टूबर को प्रस्तावित ग्राम सभाओं में शत-प्रतिशत जल कनेक्शन वाले गांवों को हर घर जल गांव प्रमाण पत्र जारी करने के भी निर्देश दिए।

 

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने वीसी के दौरान जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं भूजल दोनों विभागों का एक साथ रिव्यू करते हुए निर्देश दिए कि भूजल पर आधारित परियोजनाओं को तैयार करने से पहले सोर्स सस्टेनेबिलिटी रिपोर्ट बनाने में दोनों विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। 

 

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत अभी तक कुल 29 लाख ग्रामीण घरों में जल कनेक्शन दिए गए हैं। अभी तक 38,637 गांवों के 92.15 लाख जल संबंधों (वृहद पेयजल परियोजनाओं के 52.40 लाख, लघु परियोजनाओं के 39.75 लाख शामिल) की स्वीकृतियां प्राप्त कर ली गई हैं। 33 जिलों में से 20 जिलों में जल संबंधों की शत-प्रतिशत स्वीकृतियां मिल चुकी हैं। डूंगरपुर, उदयपुर, जैसलमेर, चितौड़गढ़ एवं धौलपुर में सर्वाधिक कार्यादेश बकाया हैं। 

वीसी में एमडी जल जीवन मिशन  अविचल चतुर्वेदी, संयुक्त सचिव  रामप्रकाश, उप सचिव  गोपाल सिंह, मुख्य अभियंता (जल जीवन मिशन)  आर. के. मीना, मुख्य अभियंता (भूजल) सूरजभान सिंह, मुख्य अभियंता (विशेष परियोजना)  दिनेश गोयल, मुख्य अभियंता (तकनीकी)  दलीप गौड, मुख्य अभियंता (प्रशासन) श्री राकेश लुहाडिया, मुख्य अभियंता (गुणवत्ता नियंत्रण) श्री के डी गुप्ता, मुख्य अभियंता-जोधपुर नीरज माथुर सहित सभी संभागीय कार्यालयों से पीएचईडी एवं भूजल विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता एवं जिला मुख्यालयों से अधीक्षण अभियंता व अधिशाषी अभियंता जुड़े।

 


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