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जयपुर नगर निगम ग्रेटर में मेयर के पद से सौम्या गुर्जर को बर्खास्त के बाद सरकार ने शील धाबाई को कार्यवाहक मेयर बनाया है। कार्यवाहक मेयर शील धाबाई बुधवार सुबह 11 बजे अपना कार्यभार मुख्यालय में जाकर दूसरी बार संभालेंगी । स्वायत्त शासन निदेशालय द्वारा जैसे ही बर्खास्त करने के आदेश जारी हुआ तय शेड्यूल के मुताबिक सौम्या गुर्जर वार्ड 23 के पार्षद कार्यालय का उद्घाटन करने विद्याधर नगर जा रही थीं। आदेश की कॉपी मिलने के बाद वह बीच रास्ते से ही वापस घर लौट गईं। सरकार से आदेश मिलते ही सौम्या गुर्जर का नाम नगर निगम मुख्यालय में मेयर के चेंबर से हटा दिया। उनकी गाड़ियां और सुरक्षा गार्ड वापस बुला लिए। स्वायत्त शासन निदेशालय के मंगलवार सुबह आदेश जारी करने के बाद जब नगर निगम मुख्यालय में अधिकारी-कर्मचारी पहुंचे तो उन्होंने पहले तो मेयर के चेंबर को खोला नहीं। उसके बाद चेंबर के बाहर लगी नेम प्लेट पर से सौम्या गुर्जर के नाम को चाकू-ब्लेड से खुरचकर हटाया गया। ग्रेटर नगर निगम प्रशासन के इस रवैये की उप महापौर पुनीत कर्णावट ने आलोचना की। उन्होंने कमिश्नर महेन्द्र सोनी को पत्र लिखा और कहा कि इस तरह से चाकू से कुरेद-कुरेद कर नाम हटाना अशोभनीय है। ऐसी क्या जल्दबाजी थी कि इतनी जल्दी उनका नाम इस तरह से हटाया गया। धाबाई इससे पहले भी इसी कार्यकाल में 8 महीने तक कार्यवाहक मेयर रहीं। ये दूसरा मौका है, जब वह कुर्सी पर बैठेंगी। शील धाबाई वार्ड नं. 60 से पार्षद हैं और वर्तमान में वित्त समिति की चेयरमैन भी हैं। सरकार ने पिछले साल 6 जून को सौम्या गुर्जर को निलंबित किया था। उस समय सरकार ने 7 जून को आदेश जारी करते हुए शील धाबाई को कार्यवाहक मेयर बनाया था, जो 1 फरवरी तक मेयर रही थीं।