Saturday, 29 August 2026

कॉन्ग्रेस में उत्पन्न संकट पर दिल्ली में करेंगी सोनिया गांधी मंथन, सीएम गहलोत गुट के खिलाफ होगा बड़ा एक्शन


कॉन्ग्रेस में उत्पन्न संकट पर दिल्ली में करेंगी सोनिया गांधी मंथन, सीएम गहलोत गुट के खिलाफ होगा बड़ा एक्शन

प्रदेश में सीएम को लेकर दो दिनों से मचे घमासान को हाईकमान ने गंभीरता से लिया है। रविवार शाम को जयपुर में कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बहिष्कार और उसके बाद हुए घटनाक्रम को अनुशासनहीनता माना है।  अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पूरे घटनाक्रम पर नाराजगी जताई है।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के चुनाव अधिकारी मधुसूदन मिस्त्री सोनिया गांधी से मिलकर अध्यक्ष चुनाव को लेकर चर्चा की।   एआईसीसी के अध्यक्ष के चुनाव में नामांकन को लेकर आज शाम तक कई नए नाम सामने आ सकते हैं। 

इससे पहले सोनिया गांधी निवास 10 जनपथ पर मंगलवार सुबह पार्टी के बड़े नेता पहुंचे। इसमें अंबिका सोनी, गिरिजा व्यास, राजीव शुक्ला जैसे नेता शामिल हैं। ऑब्जर्वर बनकर जयपुर आए मल्लिकार्जुन खड़गे और अजय माकन आज अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेंगे। इस पर रिपोर्ट पर सोनिया गांधी बैठक करेंगी। माना जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान के खिलाफ हुई बगावत को लेकर आज बड़ा एक्शन लिया जा सकता है।

इससे पहले सोमवार शाम को सोनिया गांधी के आदेश के बाद अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे ने पूरे घटनाक्रम पर लिखित रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनके खेमे के तीन मंत्रियों और कुछ विधायकों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल और सरकारी मुख्य सचेतक और जलदाय मंत्री डॉ.महेश जोशी के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है।

पर्यवेक्षक मलिकार्जुन  खड़के और अजय माकन की रिपोर्ट में रविवार और सोमवार के घटनाक्रम का फैक्चुअल ब्योरा देने के साथ विधायक दल की बैठक के समानांतर संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल के घर बैठक बुलाने को हाईकमान के आदेशों और पार्टी की स्थापित परंपरा का उल्लंघन करते हुए एक्शन लेने की सिफारिश की गई है। रिपोर्ट में इस घटना को कांग्रेस हाईकमान को सीधी चुनौती और अनुशासन तोड़कर पार्टी की छवि खराब करने वाला बताया है।

पर्यवेक्षक रिपोर्ट में लिखा है कि विधायक दल की बैठक रविवार शाम 7 बजे सीएमनिवास पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से सलाह करके तय की गई थी। हम बैठक के लिए वहां देर रात तक इंतजार करते रहे, लेकिन सीएम गहलोत के समर्थक विधायक नहीं पहुंचे।

विधायक दल की बैठक में आने की जगह गहलोत समर्थक विधायक संसदीयकार्य मंत्री शांति धारीवाल के घर बैठक करके हाईकमान को ही चैलेंज करने लगे।

पर्यवेक्षक ने रिपोर्ट में लिखा है कि विधायक दल की बैठक में आने की जगह सीएम गहलोत समर्थक विधायकों ने पहले शांति धारीवाल के आवाास पर बैठक कर नारेबाजी की और हाईकमान को चैलेंज किया। इसके बाद रात में ही  विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी के बंगले पर जाकर सामूहिक इस्तीफे दिए।

इस घटनाक्रम के बाद देर रात उनके प्रतिनिधि के तौर पर पहुंचे तीन मंत्रियों ने दबाव बनाया कि वन टु वन विधायकों से नहीं मिलकर सामूहिक रूप से मिल जाए। 19 अक्टूबर तक नए सीएम पर राय नहीं ली जाए और  सीएम गहलोत की पसंद का ही  सीएमहो , सचिन पायलट और उनके किसी समर्थक को सीएम नहीं बनाया जाए। पर्यवेक्षक रिपोर्ट में लिखा है कि तीनों मंत्रियों ने इन बातों को प्रस्ताव में लिखने का दबाव बनाया, जबकि अब तक कांग्रेस में एक लाइन का ही प्रस्ताव पारित होता आया है।

पर्यवेक्षक रिपोर्ट में लिखा है कि सीएम गहलोत के समर्थक मंत्रियों और विधायकों के विधायक दल की बैठक के बहिष्कार और इस्तीफे के प्रकरण से पार्टी की छवि खराब हुई है। इसके जरिए पार्टी के वर्षों से जारी परिपाटी को चुनौती दी गई है। इस घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की सिफारिश की गई है।



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