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राजस्थान में कांग्रेस की राजनीति में आए भूचाल के बाद अब 10 जनपथ से लेकर भारत जोड़ो यात्रा पर दिखने लगा है। सोमवार सुबह तक विवाद नहीं सुलझने के बाद राहुल गांधी ने कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल को केरल से दिल्ली भेजा है। वेणुगोपाल दिल्ली में आकर सोनिया गांधी से मिलेंगे, जहां राजस्थान गए पर्यवेक्षक मलिकार्जुन खरगे और प्रभारी अजय माकन भी बुलाया है। हाईकमान के निर्देश के बाद दोनों पर्यवेक्षक दिल्ली रवाना हो गए हैं। कांग्रेस के 80 से ज्यादा विधायकों ने हाईकमान से भेजे गए पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खड़गे और अजय माकन से नहीं मिलने की बात कही है। रविवार देर रात तक खड़गे-माकन बागी गुट के नेतृत्व कर रहे स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल, खाद्य आपूर्ति प्रताप सिंह खचरियावास , सरकारी मुख्य सचेतक और जलदाय मंत्री डॉ महेश जोशी और निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा से मुलाकात की, लेकिन बात नहीं बनी। प्रदेश की कांग्रेस राजनीति में जबरदस्त उथल पुथल का माहौल बना हुआ है। इस स्थितियों को लेकर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी नाराज हैं। सोनिया ने देर रात ही अजय माकन से हर हाल में प्रस्ताव लेकर आने के लिए कहा था, जिसके बाद विधायकों ने 3 शर्तें रख दीं, जिसे हाईकमान ने मानने से इनकार कर दिया । मौजूदा विकट परिस्थितियों को देखते हुए हाईकमान ने अब मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को राजस्थान भेजने का मानस बनाया है और कोशिश की जाएगी कि सचिन पायलट गुट और सीएम अशोक गहलोत गुट के बीच चल रहे विवाद किसी तरह से सुलझ जाए। अब यहां बात यह भी जरूरी है कि क्या अशोक गहलोत अब राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए नामांकन भरेंगे या नहीं । इस बात को लेकर भी संशय बना हुआ है। अब हाईकमान के कहने पर बगावत करने वाले पार्टी के सरकारी मुख्य सचेतक और जलदाय मंत्री डॉ महेश जोशी, शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला,स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल और खाद्य आपूर्ति मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास नोटिस भेजकर बगावत के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। ऐसा भी माना जा रहा है कि क्या कांग्रेस इन लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई कर पार्टी को एकता के सूत्र में बांधने जाने का प्रयास कर सकती है।