


.jpg)
पूर्व डिप्टी सीएम और टोंक से विधायक सचिन पायलट शुक्रवार को दोपहर बाद विधानसभा पहुंचे। विधानसभा पर गुजरात के प्रभारी और वरिष्ठ विधायक डॉ. रघु शर्मा, खाद्य आपूर्ति मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास,उनके समर्थित विधायक जीआर खटाना, राकेश पारीक, वेद प्रकाश सोलंकी, निर्दलीय विधायक खुशवीर सिंह और अन्य विधायकों ने उनकी अगवानी की। हां पक्ष लॉबी में उन्होंने सभी कांग्रेस के वरिष्ठ विधायकों से मुलाकात की।
पूर्व डिप्टी सीएम पायलट ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी से गुप्त मंत्रणा की। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक क्षेत्र में चर्चाएं जोरों पर होने लगी है कि अब सचिन पायलट को नई जिम्मेदारी सोनिया गोयल द्वारा दी जा सकती है।
शुक्रवार को विधानसभा का अंतिम दिन है और वह विधानसभा की कार्रवाई में शामिल होकर यह जताने का प्रयास कर रहे हैं कि उन्हें राजनीतिक गतिविधियों के साथ-साथ विधानसभा की कार्यवाही में भी मौजूद रहे।
पायलट विधानसभा पहुंचने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। उन्हें बधाइयों का सिलसिला भी विधान सभा के सदस्यों ने देना शुरू कर दिया है। लेकिन सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई बयान बाजी नहीं की है। उनका इतना ही कहना है कि हाईकमान जो भी निर्णय करेगा वह स्वीकार करेंगे।
सचिन पायलट ने सभी गुटों के कांग्रेस विधायकों से बात करना शुरू कर दिया है। इनमें वे विधायक भी शामिल हैं, जो कभी उनके कट्टर विरोधी माने जाते रहे। राहुल गांधी से मुलाकात के बाद सचिन पायलट का एक्टिव होकर विधायकों से बात करना नई जिम्मेदारी मिलने के सिग्नल के तौर पर देखा जा रहा है। सचिन पायलट के अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री और विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी का नाम भी दावेदारों में शामिल है।