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15 वी विधानसभा के सातवें सत्र के चौथे दिन राजस्थान माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक- 2022 दो घंटे की लंबी बहस के बाद सर्वसम्मति से पारित किया गया। इस विधेयक के पारित होने से पहले कांग्रेस और भाजपा दोनों के विधायकों ने जनमत संग्रह जानने के प्रस्ताव वापस लिया गया ।
राजस्थान माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक के पारित होने से पहले शिक्षा मंत्री डॉ. बी डी कल्ला ने बहस का जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश का 3780 करोड़ रूपया जीएसटी के पैसे पुराना बकाया है वह मिलना चाहिए । उन्होंने कहा कि जीएसटी के पुनर्भरण वर्ष 2027 तक बढ़ाए जाने की मांग मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा की गई थी। उस मांग को अभी तक केंद्र ने पूरा नहीं किया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान प्रदेश ने उपभोक्ता वस्तुओं पर जीएसटी लगाने का विरोध किया था और इसे 1 साल स्थगित करने की बात भी कही थी । लेकिन केंद्र ने नहीं मानी और जीएसटी लगा दी गई।
प्रतिपक्ष के नेता गुलाबचंद कटारिया ने विधेयक पर बहस करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने 5 साल में राज्य को 20 हजार करोड़ की राशि जीएसटी के माध्यम से प्राप्त हुई हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में कर्जा बढ़ रहा है और मौजूदा स्थिति में 5:50 लाख करोड़ का कर्जा राजस्थान पर हो गया है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों में डीजल और पेट्रोल की कीमत कम है और यहां अधिक दामों पर यह बेचा जा रहा है इस अंतर को समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जून 2022 में 3386 करोड रुपए जीएसटी के तहत मिले हैं। यह लगभग 26 प्रतिशत की वृद्धि है।
भाजपा विधायक दल के उप नेता राजेंद्र राठौड़ ने इस बात पर नाराजगी प्रकट की कि मौजूदा स्थिति में विधानसभा में महत्वपूर्ण बिल पर चर्चा हो रही है और विभाग का प्रमुख शासन सचिव गायब है। उन्होंने सरकार से मांग की ऐसे वक्त में वित्त विभाग के आला अधिकारियों कोमौजूद रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रतिवर्ष कर्जे पर सरकार 28 हजार 360 करोड रुपए ब्याज के चुकाने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में विकास के लिए पैसा कहां से आएगा उन्होंने कहा कि राज्य के बढ़ते हुए खर्चों पर कटौती की जानी चाहिए।
भाजपा के अशोक लाहोटी ने कहा कि जीएसटी के विवादों को निपटाने के लिए जयपुर में कार्यालय बना रखा है उससे व्यापारी वर्ग परेशान है और पूरे प्रदेश के व्यापारी को जयपुर आने के लिए मजबूर होना पड़ता है। उन्होंने इस व्यवस्था को बदलने की मांग की। भाजपा के मदन दिलावरऔर बिहारी लाल ने अपने विचार रखें।
कांग्रेस के विधायक रोहित बोहरा ने कहा कि भाजपा के लोग महिलाओं को मोबाइल फोन देने का विरोध कर रहे हैं जो कि गलत है। उन्होंने कहा कि चुनाव में महिलाएं भी वोट देती है और अगर सीधा उनका असर जाएगा तो फिर क्या होगा वह खुद ही बता सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश में जीएसटी से टैक्स रिवेन्यू मात्र 7 प्रतिशतकी वृद्धि हुई है । निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा ने कहा कि किसी भी राज्य को जीएसटी से 41 प्रतिशत की राशि प्राप्त नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से 3780 करोड़ रूपया केंद्र में बकाया है उसे दिलाए जाना चाहिए।
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान सीएम सलाहकार और दूदू से निर्दलीय विधायक बाबूलाल नागर के वनभूमि पर बसी कॉलोनियों के सवाल पर बीच में टोकाटाकी करने पर भाजपा विधायक मदन दिलावर को विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने फटकार लगाई। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने मदन दिलावर से कहा कि जिस तरह लाल कपड़ा देखकर सांड भड़कता है, उसी तरह संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल के आते ही आप भड़ककर खड़े हो जाते हैं। आप सार्वजनिक जीवन में किस तरह का उदाहरण पेश करना चाहते हैं। इसके बाद भाजपा विधायक मदन दिलावर बैठ गए।
मुख्यमंत्री के सलाहकार सिरोही से निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा ने स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल के जवाब पर सवाल उठाए। निर्दलीय विधायक लोढ़ा ने प्रशासन शहरों के संग अभियान में पट्टे बांटने में आबूरोड नगरपालिका की खराब प्रदर्शन को लेकर स्वायत्त शासन मंत्री धारीवाल और विभाग पर सवाल उठाए। इस दौरान लोढ़ा की विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई।
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान महिलाओं को फ्री स्मार्ट फोन देने की योजना पर विपक्ष ने शिक्षा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला को घेर लिया। भाजपा विधायक गुरदीप सिंह के सवाल के जवाब में मंत्री डॉ. कल्ला ने विधानसभा में जवाब देते हुए कहा कि चिरंजीवी योजना से जुड़े परिवारों की 1.35 करोड़ महिलाओं को फ्री स्मार्ट फोन दिए जाएंगे। तीन साल फ्री इंटरनेट मिलेगा। 12 हजार कराेड़ की योजना के लिए इस साल 3500 करोड़ का बजट रखा है।
मंत्री डॉ. कल्ला के इस जवाब पर नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकारने बजट मद में 1.33 करोड़ महिलाओं को स्मार्ट फोन देने की घोषणा की थी। जबकि अब 1.33 करोड़ बता रहे हैं। अब किसे सही माना जाए। 12 हजार करोड़ की योजना को में आपने बजट इतना कम रखा है। इस पर शिक्षा मंत्री डॉ.कल्लाने कहा कि योजना में तीन साल बजट रखा जाएगा।
शून्यकाल के दौरान स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से माकपा के बलराम पूनिया ने हरियाणा द्वारा राजस्थान को उसके हिस्से का पानी नहीं देने का मामला उठाया उन्होंने कहा कि सरकार को पानी प्राप्त करने के लिए उच्चस्तरीय प्रयास करने चाहिए नहीं तो आने वाले समय में किसानों की फसलें बर्बाद हो जाएगी। स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से भाजपा के जैतारण विधायक अविनाश ने उनके विधानसभा क्षेत्र में दीपावली के दौरान पटाखे दुकानों पर नहीं बेचे जाने पर जिला प्रशासन द्वारा प्रतिबंध लगाने का मामला उठाया और कहा कि उन्हें ग्राउंड में टेंटो में बेचने का नया आदेश जारी किया है । जिला प्रशासन की उस आदेश सेव्यापारी परेशान है। उन्होंने पुरानी व्यवस्था को लागू रखने की मांग की। स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से भाजपा के ज्ञानचंद पारख ने पाली में टूटी सड़कों का मामला उठाया और सरकार से उन्हें ठीक कराने की मांग की। भाजपा के रामप्रताप कासनिया ने सूरतगढ़ में गत 19 सितंबर को नगर पालिका के कर्मचारियों द्वारा व्यापारियों से दुर्व्यवहार करने का मामला उठाया और सरकार से उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
शून्यकाल के दौरान ही 295 प्रस्ताव के तहत भाजपा के सुरेश रावत ने पुष्कर विधानसभा क्षेत्र में, विधायक जगसी राम ने रेवदर विधानसभा क्षेत्र में और चंद्रकांता मेघवाल ने केशोरायपाटन विधानसभा क्षेत्र की अतिवृष्टि से टूटी सड़कों को ठीक कराने की मांग सरकार से की। भाजपा के बलवीर सिंह लूथरा ने रायसिंहनगर विधानसभा क्षेत्र में यूरिया खाद की किल्लत का मामला उठाया और सरकार से पर्याप्त खाद दिलाने की मांग की। भाजपा के निर्मल कुमावत ने कृषि विश्वविद्यालयों में पुरानी पेंशन योजना को लागू कराने की मांग सरकार से की। विधायक राजकुमार गौड़ ने गंगानगर क्षेत्र में अतिवृष्टि से लोगों के हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की। कांग्रेस के विधायक जोगेंद्र सिंह अवाना ने विधानसभा परिसर में डॉ.अंबेडकर और विजय सिंह पथिक की मूर्ति लगाने की सरकार से मांग की।
शून्यकाल के बाद विधानसभा में गुरुवार को संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने वित्त विभाग की 43 सूचनाएं और पांच लेखा परीक्षण प्रतिवेदन रखें। उपनिवेशन मंत्री शाले मोहम्मद ने उपनिवेशन विभाग की एक अधिसूचना और परिवहन राज्यमंत्री बृजेंद्र ओला ने परिवहन विभाग की एक अधिसूचना सदन में रखी। चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा ने राजस्थान स्वास्थ्य का अधिकार विधेयक- 2012 को पुनर्स्थापित किया।
विधानसभा में बिजली के मुद्दे पर बहस प्रवेश की शुरुआत भाजपा के विधायक पुष्पेंद्र सिंह ने कि उन्होंने कहा कि देश में कोयला संकट के कारण बिजली का प्रोडक्शन कई बार कम हो चुका है। बार बार पावर प्लांट बंद होने से बिजली की कमी के कारण कटौती हो रही है। बिजली के मिस मैनेजमेंट के कारण जनता परेशान है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने पहले बजट में 31 मार्च 2022 तक के सभी कृषि कनेक्शन जारी करने की बात कही थी वह आज तक पूरी नहीं हुई है।
भाजपा के निर्मल कुमावत ने गांव में बिजली की कटौती का विरोध किया और कहा कि रात में गांव में भी बिजली पर्याप्त मात्रा में दी जानी चाहिए। भाजपा के योगेश्वर गर्ग ने बिजली कंपनियों के 90 हजार करोड़ के घाटे को सरकार से पूर्ति कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब बिजली सस्ती खरीदी जा रही है तो फिर घरेलू और औद्योगिक क्षेत्रों को महंगी बिजली क्यों भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर जलने की घटनाएं अधिक हो रही है लेकिन उन्हें ठीक करने की कोई व्यवस्था नहीं है।
कांग्रेस के डॉ जितेंद्र सिंह ने सरकार का बचाव करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बिजली के उत्पादन के लिए प्रदेश में बड़े यूनिट लगाए थे उसी का परिणाम है कि आज बिजली मिल रही है। उन्होंने कहा कि जैसलमेर क्षेत्र में सोलर ऊर्जा पर अधिक काम किया जाना चाहिए आने वाले समय में सोलर ऊर्जा से ही पर्याप्त मात्रा में बिजली प्राप्त हो सकती है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के पुखराज गर्ग ने जोधपुर डिस्कॉम की कार्यप्रणाली को लेकर कहा कि वहां पर काम काज अच्छा नहीं है और बरसों पुराने घोषणाएं भी पूरी नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगने के बाद बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर और जोधपुर 4 जिलों में सोलर की परियोजनाओं का कामकाज रुक गया है । ऐसे में सरकार को इस पर विशेष ध्यान देकर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। समीक्षा लिखें जाने तक विधानसभा में बिजली पर बहस जारी थी।