



वर्ष 2023 में होने जा रहे 9 राज्यों के विधानसभा चुनाव से वर्ष 2024 मैं होने वाले लोकसभा चुनाव का रुख तय हो सकता है। देश के अलग-अलग हिस्सों में स्थित इन राज्यों में आने वालीं 116 लोकसभा सीटें, किसी भी गठबंधन के सत्ता में पहुंचने के मिशन 272 प्लस में अहम रोल निभाएंगी।
दक्षिण भारत के कर्नाटक और तेलंगाना हों या फिर मध्य भारत के मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़, उत्तर-पश्चिम का राजस्थान हो या पूर्वोत्तर के त्रिपुरा, मेघालय, मिजोरम और नागालैंड जैसे राज्य। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव के मुद्दे अलग होते हैं, लेकिन देश के अलग-अलग हिस्सों में स्थित इन प्रदेशों के नतीजे वर्ष 2024 के लिए सेमीफाइनल से कम नहीं होंगे।
भाजपा ने 9 राज्यों के विधानसभा चुनाव जीतने के लिए पूरी ताकत लगा रखी है। शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर इन राज्यों में अगले कुछ महीनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा के नियमित रैलियां आयोजित करने की रणनीति तैयार की है।
भाजपा ने संगठन में माहिर नेताओं को इन राज्यों की कमान भी सौंपी है। तेलंगाना जैसे राज्य के मोर्चे पर पार्टी ने दो-दो राष्ट्रीय महासचिवों को लगाया है। यूपी मे वर्ष 2014, 2017 और 2022 के चुनाव में भाजपा की जीत के प्रमुख रणनीतिकार और आर एस एस और गृह मंत्री के खास राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल के साथ दूसरे राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग को भी तेलंगाना के लिए रणनीति बनाने जिम्मेदारी दी हैं। राजस्थान में अरुण सिंह के साथ अब महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुकीं विजया रहाटकर को भी पार्टी ने लगाया है। त्रिपुरा में महेश शर्मा और पूर्वोत्तर की कमान संबित पात्रा को दी गई है।
9 राज्यों में 100 लोकसभा सीटें जीतने का लक्ष्य
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में इन 9 राज्यों में कुल 116 में 97 सीटों पर एनडीए को सफलता मिली थी। मेघालय, मिजोरम और नागालैंड में एनडीए के सहयोगी दलों ने सीटें जीतीं थीं। भाजपा की कोशिश है कि 2024 में 2019 के आंकड़े को बरकरार रखते हुए कुछ सीटें जोड़ी जाएं। भाजपा ने इस बार कम से कम लोकसभा सीटें जीतने का लक्ष्य तय किया है।
वर्ष 2024 की राह में भाजपा की चुनौती
महंगाई और बेरोजगारी पर विपक्ष का मुखर होना, नीतीश के नेतृत्व में क्षेत्रीय दलों की गोलबंदी, भारत जोड़ो यात्रा से बिखरे वोटबैंक को एकजुट करने की कांग्रेस की कोशिश,2024 की राह में भाजपा की मजबूती,मोदी का करिश्माई चेहरा, लाभार्थियों का नया वोटबैंक, हिंदुत्व और राष्ट्रवाद का प्रभावी मुद्दा,मजबूत काडर और सशक्त बूथ मैनेजमेंट शामिल है ।
| राज्य |
कुल लोकसभा सीट |
2019 में एनडीए के खाते में सीट |
| राजस्थान |
25 | 25 |
| मध्य प्रदेश |
29 | 28 |
| कर्नाटक |
28 | 26 |
| छत्तीसगढ़ |
11 | 9 |
| तेलंगाना |
17 | 4 |
| त्रिपुरा |
2 | 2 |
| मेघालय |
2 | 1 |
| मिजोरम |
1 | 1 |
| नागालैंड |
1 | 1 |