Saturday, 29 August 2026

भाजपा के नेताओं में आंतरिक कलह, शेखावत-चंद्रशेखर की टीम ने एक दिन पहले पहुंचे पूनियां को किया अनदेखा


भाजपा के नेताओं में आंतरिक कलह, शेखावत-चंद्रशेखर की टीम ने एक दिन पहले पहुंचे पूनियां को किया अनदेखा

वर्ष 2023 में होने वाले विधानसभा के चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह जिले से चुनावी आगाज करने वाली भाजपा के नेताओं में आपसी फूट नजर आने लगी है।

जोधपुर में हो रहे बूथ अध्यक्ष संकल्प महासम्मेलन की तैयारियों में जुटे संगठन के पदाधिकारी भी खेमे में बंटे नजर आ रहे हैं। गुरुवार को प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां जोधपुर पहुंचे तो संगठन में चल रही गुटबाजी भी साफ नजर आई। दोनों ही कार्यक्रम की तैयारियों में जुटे अधिकतर कार्यकर्ता-पदाधिकारी केंद्रीय जनशक्ति मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत  और प्रदेश महामंत्री (संगठन) चंद्रशेखर के खेमे के बताए जा रहे है। 

जोधपुर में हो रहे बूथ अध्यक्ष संकल्प महासम्मेलन की तैयारियों की जानकारी देने के लिए गुरुवार को प्रेसवार्ता रखी गई। डॉ.पूनिया के पहुंचने की भी सूचना थी, लेकिन ऐनवक्त पर प्रदेश महामंत्री भजनलाल जानकारी देने लग गए। इस पर भाजपा के दो वरिष्ठ नेताआओं ने प्रदेशाध्यक्ष के आने तक इंतजार करने को कहा, लेकिन महामंत्री बिना रुके बोलते रहे। फिर दोनों नेताओं ने चुप रहना ही उचित समझा। इसके बाद जब डॉ.पूनिया लेक व्यू पहुंचे तो भी इन  नेताओंका यही रुख नजर आया।

शहर में लग रहे होर्डिंग में भी पार्टी में चल रही वर्चस्व की लड़ाई साफ नजर आ रही हैं। समूचे शहर में लगे होर्डिंग में अधिकतर में जल शक्ति मंत्रीगजेंद्रसिंह शेखावत और भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष औरपूर्व सीएम वसुंधरा राजे ही नजर आ रहे हैं। इन दोनों के समर्थक अपने-अपने नेताओं को ही तव्वजो दे रहे हैं। पूर्व सीएम राजे के समर्थकों द्वारा लगाए होर्डिंग से जल शक्ति मंत्री शेखावत गायब हैं तो शेखावत के समर्थकों के होर्डिंग से आरसीएम वसुंधरा राजे गायब हैं।

प्रोटोकोल के कारण लगभग सभी में प्रदेशाध्यक्ष डॉ.पूनियां जरूर मौजूद हैं। कुछ ऐसे भी हैं जो डॉ.पूनियां से भी अछूते हैं। तीन दिन पहले ही भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्‌डा के हस्तक्षेप के बाद प्रदेशाध्यक्ष डॉ.पूनियां को ऐनवक्त पर पोकरण से रामदेवरा यात्रा व जनसभा को रद्द करनी पड़ी थी। यात्रा को लेकर डॉ. पूनिया के साथ एक वर्ग का पूरा समर्थन मिल रहा था। एक ही वर्ग के लोगों के समर्थन से भाजपा से जुड़े अन्य वर्ग के लोगों की नाराजगी बढ़ रही थी। ऐसे में प्रभारी अरुणसिंह ने भी पैदल यात्रा को रद्द करने की सलाह दी थी।

जोधपुर में दो बड़े कार्यक्रम और अमित शाह आने के बावजूद वसुंधरा राजे समर्थक नेताओं ने तैयारियों से अब तक दूरी बनाकर रखी थी। जैसे ही राजे के आने का कार्यक्रम बना तो एकाएक वे सक्रिय हो गए। पूर्व सीएमराजे की ताकत दिखाने के लिए सक्रिय हो गए। एयरपोर्ट पर वसुंधरा के स्वागत को भीड़ जुटाने के लिए उनके समर्थक नेताओं ने बुधवार को सर्किट हाउस में बैठक की और रणनीति भी तय की थी।

    Previous
    Next

    Related Posts