



जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर बड़ी संख्या में महिलाओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 137वां संस्करण सुना। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने महिला सशक्तीकरण, नशा मुक्त युवा, स्वच्छता और नवाचार सहित कई विषयों पर चर्चा की। उन्होंने देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों की पहल से आए सकारात्मक बदलावों का भी जिक्र किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं से अपने विचारों और नवाचारों के जरिए समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कई बार एक छोटा सा आइडिया भी बड़े बदलाव की शुरुआत बन सकता है। युवा नए विचारों को आगे बढ़ाएं और उन्हें समाज के हित में उपयोग करें।
महिला सशक्तीकरण का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों में लगभग 46 प्रतिशत महिलाएं हैं। करीब 35 लाख से अधिक महिलाएं इस योजना से जुड़कर अपने छोटे व्यवसाय को आगे बढ़ा रही हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाएं छोटे कारोबार की शुरुआत कर उसे बड़े व्यवसाय में बदल रही हैं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। इस तरह की योजनाएं महिलाओं को आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
प्रधानमंत्री ने युवा पीढ़ी से नशे से दूर रहने की अपील भी की। उन्होंने ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान में युवाओं की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि देश का युवा यदि नशे से दूर रहकर सकारात्मक गतिविधियों में अपनी ऊर्जा लगाए तो विकसित भारत के संकल्प को और मजबूती मिलेगी।
प्रधानमंत्री ने स्वच्छता अभियान में युवाओं की भागीदारी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में युवा विशेष पहल कर अपने आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ बनाने के साथ दूसरों के लिए मिसाल पेश कर रहे हैं।
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार मातृशक्ति के सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए योजनाएं लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, जनधन योजना, उज्ज्वला योजना, पीएम आवास योजना और पीएम स्वनिधि योजना जैसी योजनाओं से देशभर में महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राष्ट्र को मजबूत बनाने के लिए महिलाओं का सशक्त होना आवश्यक है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार भी महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने पर काम कर रही है।
भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने पिछले तीनों बजट तैयार करने से पहले अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी महिलाओं के साथ संवाद किया और उनके सुझाव लिए।
उन्होंने कहा कि महिलाओं से मिले कई सुझावों को बजट घोषणाओं में भी शामिल किया गया है। सरकार की कोशिश है कि महिलाओं से जुड़ी योजनाएं उनकी वास्तविक जरूरतों के अनुरूप तैयार हों और उनका लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने बालिका शिक्षा को राज्य सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि मेधावी छात्राओं को साइकिल और स्कूटी वितरित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के अवसर बढ़ाकर बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके भविष्य को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार चाहती है कि आर्थिक या सामाजिक कारणों से किसी भी बालिका की पढ़ाई प्रभावित नहीं हो।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मा योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को निशुल्क जांच और सोनोग्राफी जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार का उद्देश्य मातृ और शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हुए सुरक्षित भविष्य तैयार करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीविका के जरिए स्वयं सहायता समूहों और विभिन्न आजीविका गतिविधियों से महिलाओं को जोड़कर उनका सामाजिक और आर्थिक विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आशा सहयोगिनियों के मानदेय में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। इसके अलावा बैंक सखी और पशु सखी जैसी पहलों के माध्यम से महिलाओं को रोजगार के अवसर देने के साथ सरकारी योजनाओं को गांव और घर तक पहुंचाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर राज्य सरकार उनके लिए सुदृढ़ भविष्य तैयार करने की दिशा में काम कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री निवास पर विभिन्न जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।