Friday, 21 August 2026

सद्भावना के सिपाही’ की रजत जयंती पर ‘एक शाम शहीदों के नाम’, राजीव अरोड़ा बोले- 25 वर्षों की यात्रा आत्ममंथन का अवसर


सद्भावना के सिपाही’ की रजत जयंती पर ‘एक शाम शहीदों के नाम’, राजीव अरोड़ा बोले- 25 वर्षों की यात्रा आत्ममंथन का अवसर

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जयपुर। ‘सद्भावना के सिपाही’ संगठन की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर शुक्रवार को जयपुर के सी-स्कीम स्थित महावीर स्कूल सभागार में ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। पूर्व राज्यमंत्री एवं समाजसेवी राजीव अरोड़ा के सानिध्य में हुए इस आयोजन के माध्यम से समाज में सद्भाव, भाईचारे, राष्ट्रप्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया।

संगठन पिछले 25 वर्षों से सामाजिक सरोकारों, जनसेवा और आपसी सद्भाव से जुड़े विभिन्न अभियानों में सक्रिय रहा है। कार्यक्रम में संगठन की इस यात्रा को याद करते हुए कार्यकर्ताओं और अतिथियों ने अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

25 साल की यात्रा केवल उत्सव नहीं, आत्ममंथन का अवसर: अरोड़ा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजीव अरोड़ा ने कहा कि संगठन के 25 वर्ष पूरे होना केवल एक संस्था की यात्रा का उत्सव नहीं, बल्कि उस विचार, भावना और संकल्प का सम्मान है जिसने सभी को एक साथ जोड़े रखा।

उन्होंने कहा कि 25 वर्ष पहले केवल एक संगठन की शुरुआत नहीं की गई थी, बल्कि समाज में प्रेम, सद्भाव और जिम्मेदारी का एक विचार स्थापित करने का प्रयास किया गया था।

अरोड़ा ने कहा कि समाज में बदलाव के लिए हमेशा बड़ी ताकत की जरूरत नहीं होती, बल्कि निरंतर छोटे प्रयास भी बड़ा प्रभाव पैदा कर सकते हैं।

राजीव गांधी के विचारों को बताया प्रेरणा

राजीव अरोड़ा ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी को संगठन की प्रेरणा बताते हुए कहा कि उनका सपना ऐसा भारत बनाने का था जिसमें आधुनिकता के साथ अपनी जड़ों से जुड़ाव हो, विज्ञान के साथ संवेदनशीलता हो और विकास के अवसर हर व्यक्ति तक पहुंचें।

उन्होंने कहा कि इन्हीं विचारों से प्रेरणा लेकर ‘सद्भावना के सिपाही’ ने अपनी यात्रा शुरू की थी।

‘संसाधन कम रहे, लेकिन विश्वास कभी कम नहीं हुआ’

अरोड़ा ने संगठन की 25 वर्षों की यात्रा को याद करते हुए कहा कि कई बार संसाधनों और समय की कमी रही, परिस्थितियां भी चुनौतीपूर्ण रहीं, लेकिन संगठन और कार्यकर्ताओं का विश्वास कभी कम नहीं हुआ।

उन्होंने कहा कि संगठन ने हमेशा कोशिश की कि समाज के किसी भी वर्ग को यह महसूस न हो कि वह अकेला है।

सेवा, जागरूकता अभियानों, सामाजिक कार्यक्रमों और जरूरतमंद लोगों के साथ खड़े होकर संगठन ने अपने दायित्व को निभाने का प्रयास किया।

देशभक्ति गीतों से शहीदों को दी श्रद्धांजलि

‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम में देशभक्ति से जुड़े गीतों की प्रस्तुतियां भी हुईं। उपस्थित लोगों ने गीतों के माध्यम से देश के लिए बलिदान देने वाले अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की धर्मपत्नी, उनके पुत्र वैभव गहलोत, विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग और संगठन के कार्यकर्ता मौजूद रहे।

सद्भाव और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश

रजत जयंती कार्यक्रम के दौरान संगठन ने भविष्य में भी समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और सामाजिक जिम्मेदारी को मजबूत करने वाले अभियानों को जारी रखने का संकल्प दोहराया।

कार्यक्रम का उद्देश्य संगठन की 25 वर्षों की यात्रा को याद करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को राष्ट्रप्रेम, सामाजिक सेवा और सद्भाव की भावना से जोड़ना भी रहा।

कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की धर्मपत्नी, उनके पुत्र वैभव गहलोत, विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग और संगठन के कार्यकर्ता मौजूद रहे
कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की धर्मपत्नी, उनके पुत्र वैभव गहलोत, विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग और संगठन के कार्यकर्ता मौजूद रहे
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