



टोंक। जन-जन के आराध्य श्री कल्याण महाराज के दर्शनों के लिए डिग्गी में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। जयपुर के चौड़ा रास्ता स्थित ताड़केश्वर मंदिर से 18 अगस्त को रवाना हुई 61वीं लक्खी पदयात्रा शनिवार को अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंचेगी। शुक्रवार तक करीब डेढ़ लाख श्रद्धालु श्री कल्याण जी के दर्शन कर मन्नतें मांग चुके हैं।
पदयात्रा का शाही ध्वज शनिवार को डिग्गी पहुंचेगा। इसके बाद शाम को बस स्टैंड स्थित मीणा धर्मशाला से श्री कल्याण जी मंदिर तक शाही लवाजमे के साथ विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी।
पदयात्रा संचालक श्रीजी शर्मा लोहे वाले के अनुसार समापन समारोह में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी मुख्य अतिथि होंगे।
श्रीजी की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालु मंगला आरती के समय से ही कतारों में लग रहे हैं। मेले में भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।
डिग्गी मोड़ से आगे भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। दोपहिया और चौपहिया वाहनों को भी डिग्गी मोड़ पर ही रोककर निर्धारित पार्किंग स्थलों की ओर भेजा जा रहा है।
मेले के दौरान स्काउट, एनसीसी और पुलिस प्रशासन की टीमों ने करीब 150 बिछड़े बच्चों और महिलाओं को उनके परिजनों से मिलाने का काम किया।
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने के बावजूद किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिलने से पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
डीएसपी आशीष प्रजापत के नेतृत्व में मेले के दौरान बिना पास घूम रही मोटरसाइकिलों और स्टंट करने वाले युवकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस ने कई बाइक जब्त कीं।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मालपुरा पुष्पेंद्र सिंह सोलंकी भी मेले के दौरान लगातार दल-बल के साथ गश्त कर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे।
61वें लक्खी मेले के दौरान डिग्गी मोड़ पर नगर पालिका की ओर से दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए निर्धारित दरों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई थी।
हालांकि, शिकायत मिली कि ठेकेदार दोपहिया वाहन के लिए निर्धारित 20 रुपए की जगह 50 रुपए तक वसूल रहा था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह सोलंकी के संज्ञान में मामला आने के बाद तत्काल कार्रवाई की गई और उपखंड प्रशासन को पत्र भेजा गया।
इसके बाद पार्किंग स्थलों पर निर्धारित शुल्क के बोर्ड लगाए गए और तय दरों के अनुसार ही वसूली सुनिश्चित कराई गई। पुलिस की ओर से पार्किंग स्थल पर विशेष जाब्ता भी तैनात किया गया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह सोलंकी ने बताया कि जिला कलेक्टर की बैठक में पार्किंग शुल्क पहले ही निर्धारित कर दिया गया था और ठेकेदार को अधिक वसूली नहीं करने की हिदायत दी गई थी।
इसके बावजूद अतिरिक्त राशि वसूलने की शिकायत मिलने पर मामले की विभागीय जांच कराई जाएगी।