


जयपुर। राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे और आखिरी दिन शुक्रवार को सदन में हंगामे के पूरे आसार हैं। कांग्रेस विधायक स्कूलों में मीडिया कवरेज और वीडियो बनाने पर कथित पाबंदी का मुद्दा उठाते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर सकते हैं। इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक होने की संभावना है। एक दिन पहले कांग्रेस विधायकों ने मूक-बधिर स्कूल से विधानसभा तक पैदल मार्च किया था। इसके बाद वे विधानसभा गेट पर धरने पर बैठे रहे और सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लिया था।
मानसून सत्र के आखिरी दिन प्रश्नकाल और शून्यकाल की कार्यवाही होगी। इसके बाद कुछ विभागों की अनुपूरक मांगों को सदन से पारित करवाया जाएगा। इसके बाद विनियोग संख्या-3 विधेयक पर चर्चा कर उसे पारित करवाने की तैयारी है। चूंकि मौजूदा सत्र केवल दो दिन का रखा गया है, इसलिए आज का दिन विधायी और राजनीतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
समान नागरिक संहिता यानी UCC बिल को लेकर भी स्थिति बदली नजर आ रही है। एक दिन पहले सरकारी मुख्य सचेतक की ओर से संकेत दिया गया था कि UCC से संबंधित विधेयक सदन में रखा जा सकता है।
हालांकि शुक्रवार की विधानसभा कार्यसूची में UCC बिल को पेश किए जाने का उल्लेख नहीं है। ऐसे में मौजूदा सत्र में इसका पेश होना टल सकता है। बताया जा रहा है कि विधानसभा का अगला सत्र नवंबर में बुलाया जा सकता है। ऐसे में UCC और राजस्थान ट्रीज प्रोटेक्शन बिल पर आगे की विधायी कार्रवाई अगले सत्र में होने की संभावना है।
प्रश्नकाल में कई महत्वपूर्ण सवालों पर सरकार को घेरा जा सकता है। कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री शांति धारीवाल ने द्रव्यवती नदी पर एलिवेटेड रोड से संबंधित सवाल लगाया है। इस मुद्दे पर सरकार से परियोजना की स्थिति, योजना और उससे जुड़े निर्णयों को लेकर जवाब मांगा जा सकता है।
कृषि क्षेत्र में खाद और बीज की उपलब्धता से जुड़ा मुद्दा भी प्रश्नकाल में उठने की संभावना है। विधायक प्रमोद जैन भाया ने खाद-बीज संकट को लेकर सवाल लगाया है। इसके अलावा सरकारी स्कूलों की मरम्मत, जर्जर भवनों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल भी सदन में उठ सकते हैं। कांग्रेस पहले ही इन मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाए हुए है।
मानसून सत्र के पहले दिन विपक्ष के बाहर धरना देने और सदन से गैर-मौजूद रहने के बाद अब दूसरे दिन सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि कांग्रेस सदन के भीतर किस रणनीति के साथ सरकार को घेरती है।