



अलवर नगर निगम में 2012 सफाई कर्मचारी भर्ती: शेष अभ्यर्थियों के दस्तावेज जांचने के लिए कमेटी गठित, पात्र पाए जाने वालों को भी नियुक्ति देने का भरोसा
अलवर। नगर निगम अलवर में वर्ष 2012 की सफाई कर्मचारी भर्ती से जुड़े लंबित मामले में बुधवार को महत्वपूर्ण प्रगति हुई। लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों में से पांच को सफाई कर्मचारी के पद पर नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इसके साथ ही शेष अभ्यर्थियों की पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों की जांच के लिए एक जांच कमेटी गठित की गई है।
जारी बयान के अनुसार, वर्ष 2012 की सफाई कर्मचारी भर्ती का मामला लंबे समय तक न्यायालय में विचाराधीन रहा था। वर्ष 2019 में न्यायालय का फैसला भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों के पक्ष में आने के बावजूद नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। आरोप लगाया गया कि उस समय प्रदेश में कांग्रेस सरकार थी और चार वर्षों तक मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
बयान में कहा गया कि दिसंबर 2023 में वर्तमान सरकार के गठन के बाद इस विषय को पत्राचार के माध्यम से राज्य सरकार के संज्ञान में लाया गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सकारात्मक निर्देशों के बाद भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की दिशा में कार्रवाई शुरू हुई।
मामले में देरी को देखते हुए संबंधित जनप्रतिनिधि स्वयं नगर निगम अलवर पहुंचे और अभ्यर्थियों के साथ बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। मौके पर ही अधिकारियों को बुलाकर नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े लंबित मामलों के निस्तारण के निर्देश दिए गए।
इसके बाद पांच अभ्यर्थियों को सफाई कर्मचारी पद के नियुक्ति पत्र सौंपे गए।
शेष अभ्यर्थियों की पात्रता तय करने के लिए जांच कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी सभी आवश्यक दस्तावेजों की जांच करेगी और जो अभ्यर्थी निर्धारित मापदंडों के अनुसार पात्र पाए जाएंगे, उन्हें नियुक्ति देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। बयान में यह भी कहा गया कि प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया धीमी रहने के कारण सफाई कर्मचारियों को उनका हक मिलने में काफी समय लगा।
नियुक्ति पत्र जारी कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव का आभार व्यक्त किया गया। कहा गया कि मामले को गंभीरता से लेने और आवश्यक निर्देश देने से वर्षों से लंबित अभ्यर्थियों को राहत मिलने का रास्ता खुला है।