



विद्या भारती टोंक के प्रतिभा सम्मान समारोह 10वीं और 12वीं में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं का सम्मान; अग्रवाल धर्मशाला में करीब 300 लोगों की रही सहभागिता
टोंक। भारतीय शिक्षा प्रचार समिति टोंक (विद्या भारती) की ओर से शुक्रवार को अग्रवाल धर्मशाला में जिला प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।
समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में गुरुदेव पंडित राजकुमार शर्मा उपस्थित रहे, जबकि विद्या भारती राजस्थान के क्षेत्रीय संगठन मंत्री गोविंद कुमार ने भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
समारोह को संबोधित करते हुए पंडित राजकुमार शर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों का लक्ष्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं होना चाहिए। शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य उन्हें संस्कारवान, चरित्रवान, अनुशासित और राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक बनाना है।
उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षा परंपरा केवल रोजगार प्राप्त करने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसके माध्यम से व्यक्ति में संस्कार, विवेक, कर्तव्यबोध और राष्ट्रभाव का निर्माण किया जाता है।
पंडित राजकुमार शर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति सदैव ‘सा विद्या या विमुक्तये’ के संदेश को आगे बढ़ाती रही है। उन्होंने युवाओं को राष्ट्र की भावी शक्ति और समाज के भविष्य की आधारशिला बताया।
उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, परिश्रम, स्वाध्याय और सेवा का भाव अपनाने तथा माता-पिता, गुरुजनों और समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
पंडित राजकुमार शर्मा ने कहा कि व्यक्ति निर्माण से परिवार, परिवार से समाज और समाज से राष्ट्र का निर्माण होता है। इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को अपने आचरण और व्यवहार से समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनना चाहिए।
उन्होंने भारतीय संस्कृति, मातृभूमि, मातृभाषा और गौरवशाली इतिहास के प्रति आत्मीयता बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक ज्ञान-विज्ञान के साथ अपनी जड़ों और संस्कारों से जुड़े रहना जरूरी है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि सम्मान किसी उपलब्धि का अंत नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति नई जिम्मेदारी की शुरुआत है।
विद्या भारती राजस्थान के क्षेत्रीय संगठन मंत्री गोविंद कुमार ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए अपनी संस्कृति और संस्कारों से जुड़े रहना आवश्यक है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि विशाल वृक्ष की जड़ें कट जाएं तो वह भी टिक नहीं सकता। इसी तरह व्यक्ति को मजबूत बने रहने के लिए अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ा रहना चाहिए।
जिला व्यवस्थापक निपुण सक्सेना ने कार्यक्रम में जिले का समग्र प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राजकुमार शर्मा ने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि कर्म ही भाग्य है और उन्हें अंधविश्वास तथा भय से दूर रहकर परिश्रम एवं सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
कार्यक्रम में देवली-उनियारा विधायक राजेंद्र गुर्जर, भाजपा जिलाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह चौहान, विद्या भारती उपसमिति अध्यक्ष बिना छामुनिया सहित व्यवस्थापक, आचार्य, प्रधानाचार्य, अभिभावक और सम्मानित विद्यार्थी मौजूद रहे।
आयोजकों के अनुसार समारोह में करीब 300 लोगों की सहभागिता रही। जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार शर्मा ने अतिथियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया, जबकि मंच संचालन जिला सचिव दिनेश कुमार शर्मा ने किया।