Tuesday, 28 July 2026

वी. श्रीनिवास के सेवा विस्तार पर सस्पेंस, मुख्यमंत्री ने भेजा केंद्र को प्रस्ताव, अधिकारियों में हलचल, अभय,रजत और अखिल मुख्य सचिव की दौड़ में


वी. श्रीनिवास के सेवा विस्तार पर सस्पेंस, मुख्यमंत्री ने भेजा केंद्र को प्रस्ताव, अधिकारियों में हलचल, अभय,रजत और अखिल मुख्य सचिव की दौड़ में

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जयपुर। राजस्थान की नौकरशाही में नए मुख्य सचिव की नियुक्ति और वर्तमान मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास के संभावित सेवा विस्तार को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। वर्ष 1989 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी वी. श्रीनिवास वर्तमान में राज्य के मुख्य सचिव हैं। आधिकारिक सेवा विवरण के अनुसार उनकी जन्मतिथि 1 सितंबर 1966 है, जिसके चलते वह 31 अगस्त 2026 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं।

शासन सचिवालय और प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार वी. श्रीनिवास को पद पर बनाए रखने के विकल्प पर विचार कर रही है। उनके सेवा विस्तार के लिए केंद्र सरकार को 24 जुलाई को प्रस्ताव भेजे जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि सेवा विस्तार की अवधि और प्रस्ताव की शर्तों से संबंधित कोई अंतिम सार्वजनिक आदेश अभी सामने नहीं आया है।

एक बार में अधिकतम छह महीने का हो सकता है विस्तार

मुख्य सचिव के सेवा विस्तार के संबंध में अंतिम निर्णय केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति से होता है। अखिल भारतीय सेवाएं (मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति लाभ) नियम, 1958 के नियम 16(1) के अनुसार किसी राज्य के मुख्य सचिव को संबंधित राज्य सरकार की अनुशंसा, पूर्ण औचित्य और जनहित के आधार पर अधिकतम छह महीने का सेवा विस्तार दिया जा सकता है।

ऐसे में वी. श्रीनिवास को पूरे एक वर्ष का सेवा विस्तार मिलने संबंधी चर्चा पर स्थिति आधिकारिक आदेश के बाद ही स्पष्ट होगी। केंद्र सरकार प्रस्ताव को स्वीकार, संशोधित अथवा अस्वीकार कर सकती है। मंजूरी मिलने की स्थिति में विस्तार की वास्तविक अवधि भी केंद्र के आदेश में निर्धारित होगी।

प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखना चाहती है सरकार

वी. श्रीनिवास के सेवा विस्तार के समर्थन में सबसे प्रमुख तर्क प्रशासनिक निरंतरता का बताया जा रहा है। राज्य में आगामी पंचायती राज और नगरीय निकाय चुनावों की तैयारियां चल रही हैं। ऐसे समय में कानून-व्यवस्था, जिलों के बीच समन्वय और चुनाव से जुड़े प्रशासनिक प्रबंधन के लिए अनुभवी अधिकारी की आवश्यकता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इसके अतिरिक्त राज्य सरकार ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान हुए निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने पर विशेष जोर दे रही है। राजस्थान सरकार के आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार समिट के दौरान लगभग ₹35 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों से संबंधित समझौते हुए थे। इन परियोजनाओं की विभागवार निगरानी, आवश्यक स्वीकृतियां और क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक स्थिरता को अहम माना जा रहा है।

मुख्य सचिव के रूप में वी. श्रीनिवास विभिन्न विभागों की समीक्षा, निवेश परियोजनाओं, शहरी विकास और प्रशासनिक सुधार से जुड़े विषयों की निगरानी कर रहे हैं। हाल के महीनों में उन्होंने जयपुर के निकट प्रस्तावित हाईटेक सिटी सहित विभिन्न शहरी विकास परियोजनाओं की समीक्षा भी की है।

विस्तार नहीं मिला तो शुरू होगी नए मुख्य सचिव की नियुक्ति

केंद्र सरकार से सेवा विस्तार की स्वीकृति नहीं मिलने की स्थिति में राज्य सरकार को 31 अगस्त से पहले नए मुख्य सचिव के नाम पर निर्णय करना होगा। इस पद के लिए वरिष्ठता महत्वपूर्ण होती है, लेकिन नियुक्ति केवल वरिष्ठता के आधार पर स्वचालित रूप से नहीं होती। प्रशासनिक अनुभव, महत्वपूर्ण विभागों में कार्य, मुख्यमंत्री और सरकार का विश्वास तथा अधिकारी की उपलब्ध सेवा अवधि भी निर्णय में भूमिका निभाते हैं।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार वर्ष 1992 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अभय कुमार को इस समय सबसे मजबूत दावेदारों में माना जा रहा है। उनके अतिरिक्त 1992 बैच के रजत कुमार मिश्रा और 1993 बैच के अखिल अरोड़ा के नाम भी प्रशासनिक हलकों में चर्चा में हैं।

अभय कुमार क्यों माने जा रहे मजबूत दावेदार?

अभय कुमार राजस्थान कैडर के 1992 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं और राज्य प्रशासन में गृह, वित्त, जल संसाधन तथा सूचना प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। वरिष्ठता, राज्य में लंबे प्रशासनिक अनुभव और अपेक्षाकृत अधिक शेष सेवा अवधि के कारण उनका नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है।

हालांकि, किसी भी अधिकारी के नाम पर अभी आधिकारिक निर्णय नहीं हुआ है। सेवा विस्तार के प्रस्ताव पर केंद्र का फैसला आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वी. श्रीनिवास मुख्य सचिव बने रहेंगे या राजस्थान को सितंबर में नया प्रशासनिक मुखिया मिलेगा।

फिलहाल शासन सचिवालय से लेकर दिल्ली तक निगाहें केंद्र सरकार के निर्णय पर टिकी हैं। अगस्त के अंतिम सप्ताह तक सेवा विस्तार अथवा नए मुख्य सचिव की नियुक्ति से संबंधित औपचारिक आदेश जारी होने की संभावना है।

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