Saturday, 25 July 2026

धर्मेंद्र प्रधान का मंत्रालय बदलना मंजूर नहीं, उन्हें कैबिनेट से हटाना होगा: राहुल गांधी


धर्मेंद्र प्रधान का मंत्रालय बदलना मंजूर नहीं, उन्हें कैबिनेट से हटाना होगा: राहुल गांधी

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नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर लगातार दूसरे दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि केवल उनका विभाग बदलकर सरकार अपनी जवाबदेही से नहीं बच सकती और विद्यार्थियों को ऐसा कोई समाधान स्वीकार नहीं होगा।

राहुल गांधी ने दावा किया कि केंद्र सरकार धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्रालय से हटाकर कोई दूसरा मंत्रालय देने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान को केवल एक मंत्रालय से दूसरे मंत्रालय में भेजना स्वीकार नहीं है। उन्हें पद से हटना ही होगा। हालांकि मंत्रिमंडल में फेरबदल या प्रधान का विभाग बदले जाने को लेकर सरकार की ओर से कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।

‘युवाओं से माफी मांगें प्रधानमंत्री’

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें पेपर लीक से प्रभावित युवाओं से माफी मांगनी होगी। उन्होंने कहा, “नरेंद्र मोदी भारत का अतीत हैं और अतीत कभी भविष्य से नहीं लड़ सकता।”

कांग्रेस नेता ने कहा कि देश के युवा निष्पक्ष परीक्षा, मेहनत का उचित परिणाम और सरकारी तंत्र से जवाबदेही मांग रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विद्यार्थियों की मांगों का समाधान करने के बजाय पुलिस कार्रवाई और पाबंदियों के माध्यम से आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है।

राहुल गांधी ने धर्मेंद्र प्रधान को हटाने के साथ पेपर लीक मामलों में जवाबदेही तय करने और प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की जांच की मांग का भी समर्थन किया।

AISA के तीन अनशनकारी भी रहे मौजूद

प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) से जुड़े तीन छात्र कार्यकर्ता भी राहुल गांधी के साथ मौजूद रहे। इन कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर पर पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर लंबी भूख हड़ताल की थी।

इनकी पहचान नेहा, अमीन अमितोज और मनीष कुमार के रूप में हुई है। तीनों ने सोनम वांगचुक के अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी जंतर-मंतर पर अनशन जारी रखा था। इसलिए इन्हें तीनों “छात्राएं” कहना सही नहीं होगा; इनमें एक छात्रा और दो छात्र कार्यकर्ता शामिल हैं।

राहुल गांधी ने कहा कि इन विद्यार्थियों का संघर्ष केवल किसी एक परीक्षा या एक मंत्री तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा से जुड़ा प्रश्न है।

शुक्रवार को घायल युवक को लाए थे सामने

इससे एक दिन पहले राहुल गांधी ने 20 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान घायल हुए साहिल नाम के युवक को मीडिया के सामने पेश किया था। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया था कि साहिल हाथ में तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहा था, तभी पुलिस की कार्रवाई में उसे पैलेट से चोट लगी।

राहुल गांधी ने इस घटना को केंद्र सरकार की “बर्बरता” बताते हुए कहा था कि न्याय मांगने वाले विद्यार्थियों को जवाब के बजाय पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा। दिल्ली पुलिस और सरकार की ओर से प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग तथा घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग दावे किए गए हैं।

‘विद्यार्थियों की तीनों मांगें गैर-समझौतावादी’

राहुल गांधी ने कहा कि आंदोलनकारी विद्यार्थियों की तीन प्रमुख मांगों पर समझौता नहीं होना चाहिए। इनमें शिक्षा मंत्री की जवाबदेही, प्रभावित परिवारों को सहायता और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध दर्ज मामलों पर उचित कार्रवाई शामिल है।

उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक रोकने के लिए कानून बनाना जरूरी है, लेकिन केवल कानूनी संशोधन पर्याप्त नहीं होगा। इस मामले में प्रशासनिक और राजनीतिक जिम्मेदारी भी तय करनी होगी।

दूसरी ओर केंद्र सरकार ने पेपर लीक के मुद्दे पर संसद में व्यापक चर्चा के लिए तैयार होने की बात कही है। सरकार और आंदोलनकारी समूहों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत भी जारी है, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर गतिरोध बना हुआ है।

कांग्रेस का आंदोलन जारी रखने का संकेत

राहुल गांधी के लगातार दूसरे दिन मीडिया के सामने आने से स्पष्ट है कि कांग्रेस इस मुद्दे पर सरकार पर दबाव बनाए रखेगी। विपक्ष संसद के भीतर भी पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठा रहा है।

कांग्रेस का कहना है कि धर्मेंद्र प्रधान का केवल विभाग बदलने से जवाबदेही तय नहीं होगी। वहीं सरकार की ओर से उनके इस्तीफे या संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर अभी कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है।

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