Thursday, 23 July 2026

निजी तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर डॉक्टर से दो करोड़ की वसूली का आरोप, नर्स गिरफ्तार


निजी तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर डॉक्टर से दो करोड़ की वसूली का आरोप, नर्स गिरफ्तार

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बाड़मेर। शहर के एक निजी अस्पताल के 65 वर्षीय डॉक्टर को निजी तस्वीरें वायरल करने, झूठे मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकी देकर करीब दो करोड़ रुपये वसूलने का मामला सामने आया है। डॉक्टर की रिपोर्ट पर कोतवाली थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर अस्पताल में कार्यरत नर्स कमला उर्फ कमलेश को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।

वर्ष 2016 से अस्पताल में काम कर रही थी महिला

पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला दिसंबर 2016 से अस्पताल में नर्स के पद पर कार्यरत थी। आरोप है कि नाइट ड्यूटी के दौरान वह चाय बनाने के बहाने अस्पताल की चौथी मंजिल पर स्थित डॉक्टर के कमरे में आती-जाती थी। इसी दौरान उसने डॉक्टर के मोबाइल से कुछ निजी तस्वीरें अपने फोन में ट्रांसफर कर लीं और बाद में इन्हीं तस्वीरों के आधार पर कथित रूप से ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।

डॉक्टर ने अपनी रिपोर्ट में आरोप लगाया कि महिला तस्वीरें सार्वजनिक करने के साथ ही झूठे मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकी देती थी। अस्पताल की प्रतिष्ठा और अपना सामाजिक सम्मान बचाने के लिए वह वर्षों तक महिला को रुपये देता रहा।

बैंक खातों से 35 लाख रुपये ट्रांसफर करने का दावा

डॉक्टर का दावा है कि वह अब तक आरोपी महिला को करीब दो करोड़ रुपये दे चुका है। इनमें से लगभग 35 लाख रुपये उसके निजी और अस्पताल के बैंक खातों से ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। शेष राशि अलग-अलग समय पर नकद दिए जाने का आरोप है।

डॉक्टर ने यह भी आरोप लगाया कि महिला ने उससे खाली चेक और स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर करवा लिए थे। इन दस्तावेजों को किसी बैंक या लॉकर में छिपाकर रखे जाने की आशंका जताई गई है। पुलिस अब बैंक लेन-देन, चेक, स्टांप पेपर और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है।

घर के बाहर पूरी रात बैठने का आरोप

रिपोर्ट के अनुसार, डॉक्टर के काम से अहमदाबाद जाने पर महिला ने उन्हें कई बार फोन किया। आरोप है कि उसने अस्पताल के कुछ कर्मचारियों को भी डॉक्टर की निजी तस्वीरें दिखाई थीं।

डॉक्टर ने पुलिस को बताया कि 3 और 4 अप्रैल 2025 की मध्यरात्रि महिला उनके घर पहुंच गई और अंदर आने की जिद करते हुए पूरी रात बाहर बैठी रही। यह घटनाक्रम घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड होने का दावा किया गया है।

मोबाइल और CCTV से निगरानी रखने का आरोप

डॉक्टर का आरोप है कि महिला ने अपने नाम से जारी एक सिम और छोटा मोबाइल फोन उन्हें दिया था। उन्हें यह मोबाइल चौबीस घंटे चालू रखने के लिए मजबूर किया जाता था। महिला के पास अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों के पासवर्ड भी थे और वह कथित रूप से डॉक्टर की गतिविधियों पर लगातार नजर रखती थी।

डॉक्टर ने इस पूरी स्थिति को अपने लिए ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसा बताते हुए कहा कि महिला उनके आवागमन, फोन कॉल और अस्पताल की गतिविधियों की निगरानी करती थी।

12 हजार रुपये वेतन, हर महीने लाखों वसूलने का आरोप

डॉक्टर के अनुसार, महिला को अस्पताल से प्रतिमाह 12 हजार रुपये वेतन ऑनलाइन दिया जाता था। इसके बावजूद वह धमकियां देकर हर महीने लाखों रुपये वसूलती रही। हालांकि ये सभी आरोप अभी जांच के अधीन हैं और पुलिस बैंक रिकॉर्ड एवं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर इनका सत्यापन कर रही है।

हाल में दिए गए 17 हजार रुपये बरामद

बाड़मेर वृत्त के पुलिस उपाधीक्षक रमेश शर्मा ने बताया कि डॉक्टर की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर महिला को उसके घर से हिरासत में लिया गया। पूछताछ और प्रारंभिक जांच के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने महिला के पास से डॉक्टर द्वारा हाल में दिए गए 17 हजार रुपये भी बरामद कर जब्त किए हैं।

पुलिस अब कथित रूप से वसूली गई कुल राशि, बैंक लेन-देन, निजी तस्वीरों, मोबाइल फोन, सीसीटीवी रिकॉर्ड और हस्ताक्षरित दस्तावेजों की जांच कर रही है। आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस अनुसंधान और न्यायिक कार्यवाही के आधार पर होगी।

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