



जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने शनिवार को राजस्थान विधानसभा की पूर्व अध्यक्ष सुमित्रा सिंह के सी-स्कीम स्थित आवास पर पहुंचकर उनका स्वास्थ्य जाना। 97 वर्षीय सुमित्रा सिंह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रही हैं। मुलाकात के दौरान दोनों वरिष्ठ नेताओं के बीच पुरानी राजनीतिक और सामाजिक स्मृतियों को लेकर लंबी एवं आत्मीय चर्चा हुई। वसुंधरा राजे ने सुमित्रा सिंह के स्वास्थ्य की जानकारी लेते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने और दीर्घायु जीवन की कामना की।
मुलाकात के दौरान सुमित्रा सिंह ने बीमारी के बावजूद उत्साह के साथ बातचीत की। उन्होंने वसुंधरा राजे के मुख्यमंत्री कार्यकाल में महिलाओं से जुड़ी योजनाओं और नीतिगत फैसलों को याद किया। सुमित्रा सिंह ने कहा कि राजे के नेतृत्व में प्रदेश में महिला सशक्तीकरण को प्राथमिकता दी गई और महिलाओं को परिवार तथा समाज में मजबूत भूमिका देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय किए गए।
दोनों नेताओं के बीच भामाशाह नारी सशक्तीकरण योजना का विशेष रूप से उल्लेख हुआ। इस योजना के माध्यम से महिलाओं को परिवार का मुखिया बनाकर सरकारी योजनाओं और वित्तीय लाभों से जोड़ने का प्रयास किया गया था। चर्चा में कहा गया कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और परिवार के निर्णयों में उनकी भागीदारी बढ़ाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल थी।
मुलाकात के दौरान पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने के निर्णय को भी याद किया गया। दोनों नेताओं ने इसे ग्रामीण राजनीति और स्थानीय स्वशासन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से बड़ी संख्या में महिलाओं को सरपंच, प्रधान और अन्य निर्वाचित पदों पर कार्य करने का अवसर मिला।
वसुंधरा राजे और सुमित्रा सिंह ने बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए शुरू की गई स्कूटी और साइकिल वितरण जैसी योजनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य छात्राओं की विद्यालय और उच्च शिक्षा तक पहुंच आसान बनाना तथा उन्हें पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना था।
मुलाकात के अंत में वसुंधरा राजे ने ईश्वर से सुमित्रा सिंह के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन की प्रार्थना की। उन्होंने परिवार के सदस्यों से भी उनके उपचार और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली। इस आत्मीय मुलाकात के दौरान उपस्थित लोगों ने दोनों वरिष्ठ नेताओं के बीच पुराने संबंधों और राजनीतिक अनुभवों पर हुई बातचीत को भावुक और स्मरणीय बताया।