Friday, 17 July 2026

अस्पताल, शिक्षा और पुलिस तीनों मोर्चों पर सरकार विफल: टीकाराम जूली बोले—ढाई साल में ही भारी जनाक्रोश


अस्पताल, शिक्षा और पुलिस तीनों मोर्चों पर सरकार विफल: टीकाराम जूली बोले—ढाई साल में ही भारी जनाक्रोश

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जयपुर। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने प्रदेश की चिकित्सा, शिक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि आम नागरिक के लिए सरकार का वास्तविक अर्थ अस्पताल, शिक्षा और पुलिस जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं से होता है, लेकिन वर्तमान सरकार इन तीनों ही क्षेत्रों में विफल रही है।

जूली ने दावा किया कि सामान्यतः किसी सरकार के खिलाफ व्यापक असंतोष उसके कार्यकाल के अंतिम वर्षों में दिखाई देता है, लेकिन राजस्थान की भाजपा सरकार के खिलाफ ढाई साल में ही भारी एंटी-इंकम्बेंसी और जनाक्रोश पैदा हो गया है।

‘मूलभूत सुविधाएं नहीं दे सकती तो सत्ता में रहने का नैतिक अधिकार नहीं’

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक सरकार की पहली जिम्मेदारी नागरिकों को उचित उपचार, बच्चों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा समाज को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना है।

उन्होंने कहा कि कोई सरकार इन मूलभूत जिम्मेदारियों को पूरा नहीं कर पाती है तो उसके सत्ता में बने रहने के नैतिक औचित्य पर सवाल खड़े होते हैं। जूली के अनुसार, प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था कमजोर हुई है और जनता को रोजमर्रा की आवश्यक सेवाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

प्रसूताओं की मौतों और अस्पतालों की स्थिति पर सवाल

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकारी अस्पतालों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रसव के दौरान और उसके बाद महिलाओं की मौतों के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कुछ प्रसूताओं की हालत गंभीर होने के बाद उन्हें डायलिसिस कराना पड़ रहा है और प्रभावित परिवार किडनी ट्रांसप्लांट तथा बेहतर उपचार की मांग कर रहे हैं। इन घटनाओं के कारण स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और अस्पतालों की उपचार व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।

गलत ब्लड ग्रुप चढ़ाने और दवाओं की कमी का आरोप

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि अस्पतालों में लापरवाही के कारण कुछ मरीजों को गलत रक्त समूह का खून चढ़ाने जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी लापरवाही मरीजों के जीवन के साथ खिलवाड़ के समान है और जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने यह भी दावा किया कि सरकारी अस्पतालों में आवश्यक दवाओं और इंजेक्शन की कमी बनी हुई है। उन्होंने विशेष रूप से एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं के उपचार में उपयोग होने वाले एफसीएम इंजेक्शन की कई महीनों से अनुपलब्धता का मुद्दा उठाया।

इन आरोपों पर स्वास्थ्य विभाग या राज्य सरकार की विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना शेष है।

अस्पतालों के जर्जर भवनों पर भी घेरा

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि प्रदेश के कुछ सरकारी अस्पतालों में वार्डों और भवनों की स्थिति खराब है। कहीं छतों और दीवारों से प्लास्टर गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं तो कहीं आवश्यक चिकित्सा संसाधन उपलब्ध नहीं हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि जो अस्पताल लोगों को जीवन और उपचार देने के लिए बनाए गए हैं, वे सरकारी अनदेखी के कारण स्वयं अव्यवस्था और हादसों के केंद्र बनते जा रहे हैं।

स्कूलों में भय के माहौल का आरोप

शिक्षा व्यवस्था पर निशाना साधते हुए नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली  ने कहा कि प्रदेश के कई सरकारी विद्यालयों की इमारतें जर्जर स्थिति में हैं। ऐसे भवनों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों और शिक्षकों को हमेशा दुर्घटना का डर बना रहता है।

उन्होंने कहा कि विशेष रूप से छात्राओं को टूटे-फूटे भवनों में जोखिम के बीच पढ़ाई करनी पड़ रही है। सुरक्षित भवन, पर्याप्त शिक्षक और आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं होने के कारण सरकारी विद्यालयों में नामांकन प्रभावित हो रहा है।

तबादला नीति से शिक्षा का माहौल खराब होने का दावा

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार की शिक्षक स्थानांतरण नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक द्वेष और प्रभाव के आधार पर किए गए तबादलों से विद्यालयों में शिक्षकों का संतुलन बिगड़ा है।

उनका कहना था कि कई स्कूलों में जरूरी विषयों के शिक्षक नहीं हैं, जबकि कुछ स्थानों पर आवश्यकता से अधिक स्टाफ लगा हुआ है। इससे शिक्षण व्यवस्था और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

‘अपराधी बेखौफ, आम जनता भयभीत’

प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि राजस्थान में अपराधियों का मनोबल बढ़ा है और आम जनता असुरक्षित महसूस कर रही है।

उन्होंने अलवर में एक युवक की हालिया हत्या का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं सरकार के कानून-व्यवस्था संबंधी दावों की वास्तविकता सामने लाती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री की अपराध नियंत्रण संबंधी बैठकों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके परिणाम धरातल पर दिखाई नहीं दे रहे हैं।

पुलिस और अपराधियों की कथित मिलीभगत का आरोप

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि मीडिया में पुलिसकर्मियों के अपराधों या अवैध गतिविधियों से संबंध होने की खबरें सामने आना चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ क्षेत्रों में अपराधियों और पुलिसकर्मियों की कथित साठगांठ से पुलिस की साख को नुकसान पहुंचा है।

जूली ने कहा कि ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही ईमानदारी से कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों का मनोबल भी बनाए रखना चाहिए।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन का उठाया मुद्दा

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन कर रही हैं। उनके अनुसार, सरकार कर्मचारियों और जनसंगठनों की मांगों को गंभीरता से नहीं सुन रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि समाज का लगभग हर वर्ग सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली से असंतुष्ट है। सरकार के पास जनसमस्याओं के समाधान के लिए स्पष्ट दृष्टि और इच्छाशक्ति का अभाव है।

सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने चिकित्सा व्यवस्था में हुई घटनाओं की निष्पक्ष जांच, जर्जर स्कूल और अस्पताल भवनों की मरम्मत, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता तथा कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि सरकार को राजनीतिक बयानबाजी के बजाय प्रशासनिक जवाबदेही तय कर जनता को सुरक्षित, पारदर्शी और प्रभावी सेवाएं उपलब्ध करानी चाहिए।

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