



अजमेर। भारतीय जनता पार्टी के राजस्थान प्रभारी और राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल गुरुवार को अजमेर पहुंचे। यहां आपातकाल की वर्षगांठ पर “संविधान हत्या दिवस” मनाया गया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 1975 के आपातकाल को भाजपा काला दिवस के रूप में मना रही है, क्योंकि उस दौर में आम जनता के अधिकार छीन लिए गए थे।
डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस ने आपातकाल लगाकर लोकतंत्र और संविधान की आत्मा पर प्रहार किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि 1975 में नागरिक स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति की आजादी और लोकतांत्रिक अधिकारों को दबा दिया गया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज भी वैसी ही सोच रखती है और उसका डीएनए नहीं बदला है।
अग्रवाल ने कहा कि 1975 के आपातकाल को 50 साल पूरे हो गए हैं, लेकिन कांग्रेस की सोच में बदलाव नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि आज भी कांग्रेस और उसके नेता आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विचारों का मुकाबला विचारों से होता है, प्रतिबंध लगाने की मानसिकता लोकतांत्रिक नहीं मानी जा सकती।
आपातकाल का जिक्र करते हुए राधामोहन दास अग्रवाल ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आम जनता के संवैधानिक अधिकार छीन लिए थे। उन्होंने कांग्रेस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अंग्रेज और मुगल बाहरी थे, लेकिन कांग्रेस ने देश के भीतर रहकर जनता के अधिकारों को दबाने का काम किया।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि वर्तमान प्रधानमंत्री और पूर्व प्रधानमंत्रियों में सबसे बड़ा अंतर यह है कि प्रधानमंत्री सीधे जनता से संवाद करते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतंत्र को मजबूत करने का काम कर रही है।
कैबिनेट विस्तार को लेकर पूछे गए सवाल पर राधामोहन दास अग्रवाल ने कहा कि इस विषय में जानकारी मुख्यमंत्री से ली जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी और सरकार के बीच जो चर्चा होती है, वह आंतरिक विषय है। जब इस संबंध में कोई निर्णय होगा, तब बताया जाएगा। उन्होंने कहा कि काल्पनिक प्रश्नों पर वे कोई जवाब नहीं देंगे।
अग्रवाल ने कहा कि संगठन चुनाव और राजनीतिक तैयारियों को लेकर भाजपा पूरी तरह सक्रिय है। उन्होंने कहा कि सरकार के भरोसे संगठन को नहीं छोड़ा जा सकता, इसलिए पार्टी अपनी तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि चुनावी लड़ाई के लिए मजबूत संगठन जरूरी है और भाजपा उसी दिशा में काम कर रही है।
इससे पहले अजमेर के जयपुर रोड स्थित एक रिसोर्ट में निकाय प्रमुखों के साथ बैठक हुई। बैठक को भाजपा प्रदेश प्रभारी डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल और स्वायत्त शासन मंत्री झाबरसिंह खर्रा ने संबोधित किया। भाजपा संगठन की ओर से इस बैठक में नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं से जुड़े 116 निकाय प्रमुखों को आमंत्रित किया गया था।
बैठक में संगठनात्मक मजबूती, स्थानीय निकायों की भूमिका और आगामी राजनीतिक तैयारियों को लेकर चर्चा की गई। भाजपा नेताओं ने निकाय प्रमुखों से अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने का आह्वान किया।
बैठक के दौरान स्वायत्त शासन मंत्री झाबरसिंह खर्रा ने भी पत्रकारों से बातचीत की। निकाय चुनावों को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार चुनाव कराने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि फिलहाल ओबीसी आयोग की रिपोर्ट का इंतजार है।
खर्रा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि कांग्रेस जल्दी चुनाव चाहती है तो वह मांग पत्र दे दे कि उसे ओबीसी आयोग की रिपोर्ट नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार नियमानुसार और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव कराने के पक्ष में है।
राजस्थान सरकार के कामकाज को लेकर पूछे गए सवाल पर अग्रवाल ने कहा कि कोई मां सार्वजनिक रूप से अपने बच्चे को खराब नहीं कहती। उन्होंने कहा कि उन्हें बातों में फंसाने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। वे अपनी सरकार से जुड़ी बातों को सार्वजनिक चर्चा में नहीं ला सकते। उन्होंने कहा कि संगठन और सरकार के बीच संवाद आंतरिक विषय है।
मंत्री किरोड़ी लाल मीणा द्वारा लगाए गए आरोपों से जुड़े सवाल पर अग्रवाल ने कहा कि उनकी जानकारी में फिलहाल ऐसा कोई मामला नहीं है। वे जयपुर नहीं गए और सीधे अजमेर आए हैं। उन्होंने कहा कि पहले वे मामले की जानकारी लेंगे, उसके बाद ही कोई टिप्पणी कर सकेंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा सरकार पर काम नहीं करने के आरोपों को लेकर राधामोहन दास अग्रवाल ने कहा कि विपक्ष का काम आलोचना करना है। उन्होंने कहा कि हो सकता है मन में वे सरकार के अच्छे काम को स्वीकार करते हों, लेकिन सार्वजनिक रूप से विरोध में बोलना उनका राजनीतिक दायित्व है।
अग्रवाल ने कहा कि भाजपा “निंदक नियरे राखिए” की भावना को समझती है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की आलोचना से सरकार और संगठन को कोई फर्क नहीं पड़ता, बल्कि लोकतंत्र में आलोचना भी आवश्यक है।
राधामोहन दास अग्रवाल ने कांग्रेस पर कोटा में विद्यार्थियों को राहुल गांधी के कार्यक्रम में जबरन बुलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा से पहले बच्चों को उनकी पढ़ाई के समय कार्यक्रम में ले जाया गया। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि परीक्षा के दिन बेंगलुरु में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष के नामांकन के कारण जाम की स्थिति बनी, जिससे 14 बच्चे परीक्षा से वंचित रह गए।
अग्रवाल ने कहा कि जिन विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है, उनके प्रति कांग्रेस को जवाबदेह होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि कांग्रेस प्रभावित बच्चों को अलग-अलग 5 करोड़ रुपए का मुआवजा दे और जनता से माफी मांगे।
कार्यक्रम और बैठक के दौरान भाजपा पदाधिकारी, निकाय प्रमुख और कार्यकर्ता मौजूद रहे। भाजपा ने इस अवसर पर आपातकाल को लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ उठाया गया कदम बताते हुए कांग्रेस पर राजनीतिक हमला जारी रखा।