



जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौर ने पार्टी के मीडिया विभाग, प्रवक्ता-पैनलिस्ट, आईटी और सोशल मीडिया टीम की कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि हाल के राजनीतिक विवादों के दौरान संगठन अपनी पूरी ताकत नहीं दिखा पाया। उन्होंने कहा कि पार्टी के पास अनुभवी प्रवक्ताओं और डिजिटल कार्यकर्ताओं की बड़ी टीम होने के बावजूद कई मुद्दों पर प्रभावी तरीके से पक्ष नहीं रखा गया।
प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित मीडिया विभाग, प्रवक्ता-पैनलिस्ट, आईटी और सोशल मीडिया विभाग की बैठक को संबोधित करते हुए मदन राठौड़ ने बिना किसी का नाम लिए हाल ही में हुए आरएलपी विवाद का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों एक मुद्दे को लेकर लगातार बयानबाजी हुई, विभिन्न मंचों पर प्रतिक्रियाएं आईं और सोशल मीडिया पर टिप्पणियां भी की गईं, लेकिन भाजपा का पक्ष अपेक्षित मजबूती के साथ सामने नहीं आ सका।
राठौड़ ने कहा कि पार्टी के पास 65 अनुभवी प्रवक्ताओं की टीम है, फिर भी कई मौकों पर ऐसा प्रतीत हुआ कि हर विषय पर प्रदेशाध्यक्ष को ही सामने आकर प्रतिक्रिया देनी पड़ रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह स्थिति आदर्श नहीं है और पार्टी के विभिन्न विभागों को अपनी जिम्मेदारियां अधिक प्रभावी ढंग से निभानी चाहिए।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के प्रमुख हनुमान बेनीवाल द्वारा मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल को लेकर दिए गए एक बयान के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था। इस पर मदन राठौड़ ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी, जिसके बाद कुचामन क्षेत्र में आरएलपी समर्थकों द्वारा उन्हें काले झंडे दिखाए गए थे। यह विवाद मीडिया और सोशल मीडिया पर लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहा।
बैठक में भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश महामंत्री (संगठन) अजेय कुमार ने भी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को संगठनात्मक अनुशासन का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी कार्यकर्ता को कोई शिकायत या सुझाव है तो उसे पार्टी के उचित मंच पर रखा जाना चाहिए। संगठन से जुड़े विषयों को सार्वजनिक रूप से उठाने के बजाय संगठनात्मक प्रक्रिया के माध्यम से समाधान खोजा जाना चाहिए।
अजेय कुमार ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं का एकमात्र ध्येय होना चाहिए कि केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से ‘मेरी सरकार, सबसे अच्छी सरकार’ की भावना के साथ गांव-ढाणी, चौपाल और सोशल मीडिया मंचों पर सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों का प्रचार-प्रसार करने का आह्वान किया।
उन्होंने सोशल मीडिया और आईटी विभाग की भूमिका को वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि भाजपा को डिजिटल क्षेत्र में और अधिक प्रभावी तथा आक्रामक रणनीति अपनाने की आवश्यकता है। विपक्ष के आरोपों और प्रचार का तथ्यात्मक एवं त्वरित जवाब देने के साथ-साथ सरकार की उपलब्धियों पर योजनाबद्ध सामग्री तैयार कर अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाना चाहिए।