Wednesday, 03 June 2026

राजस्थान यूनिवर्सिटी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का प्रदर्शन, कुलपति सचिवालय का घेराव; पुलिस से झड़प, तीन छात्र हिरासत में


राजस्थान यूनिवर्सिटी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद  का प्रदर्शन, कुलपति सचिवालय का घेराव; पुलिस से झड़प, तीन छात्र हिरासत में

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राजस्थान यूनिवर्सिटी में बुधवार को छात्र मुद्दों को लेकर माहौल गरमा गया। सिंडीकेट बैठक से पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए कुलपति सचिवालय का घेराव कर दिया। छात्रसंघ चुनाव बहाल करने, फीस वृद्धि वापस लेने और परिसर में मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर बड़ी संख्या में छात्र विश्वविद्यालय परिसर में एकत्र हुए।

प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि लंबे समय से छात्रहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों की अनदेखी की जा रही है। छात्रों का कहना था कि छात्रसंघ चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उन्हें जल्द बहाल किया जाना चाहिए। इसके अलावा फीस वृद्धि और छात्र सुविधाओं से जुड़े मामलों पर भी उन्होंने विरोध दर्ज कराया।

स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारी कुलपति सचिवालय की ओर बढ़ने लगे। मौके पर तैनात पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, जिसके चलते छात्रों और पुलिस के बीच हल्की झड़प हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ समय के लिए परिसर में अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने का प्रयास किया और बल प्रयोग करते हुए उन्हें वहां से हटाया। इस दौरान कई छात्रों को परिसर से खदेड़ा गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन छात्रों को हिरासत में भी लिया।

घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में कुछ समय तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर स्थिति पर नजर रखी गई। हालांकि बाद में हालात सामान्य हो गए और प्रशासनिक गतिविधियां फिर से शुरू कर दी गईं।

प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से तत्काल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

छात्र संगठनों का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव, फीस संरचना और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर विश्वविद्यालय प्रशासन को जल्द निर्णय लेना चाहिए ताकि छात्रों की समस्याओं का समाधान हो सके।

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