



जयपुर में स्पा सेंटरों की आड़ में कथित अवैध गतिविधियों और वेश्यावृत्ति की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन ने नई गाइडलाइन जारी की है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर डॉ. रामेश्वर सिंह ने स्पा सेंटर संचालकों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनका पालन सभी स्पा प्रतिष्ठानों के लिए अनिवार्य होगा।
पुलिस द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार पुरुष और महिला ग्राहकों के लिए संचालित स्पा सेवाओं को अलग-अलग खंडों में संचालित करना होगा। दोनों सेक्शन के प्रवेश द्वार भी अलग होंगे और उन्हें स्पष्ट रूप से चिन्हित किया जाएगा। साथ ही दोनों क्षेत्रों के बीच किसी भी प्रकार का प्रत्यक्ष संपर्क या अंतर-संबंध नहीं होना चाहिए।
निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि स्पा और मसाज सेवाएं पूरी तरह बंद कमरों में नहीं दी जाएंगी। मसाज कक्षों के दरवाजों के अंदर कुंडी, बोल्ट या किसी प्रकार का लॉक लगाने की अनुमति नहीं होगी। इसका उद्देश्य पारदर्शिता बनाए रखना और किसी भी अवैध गतिविधि की संभावना को कम करना है।
पुलिस ने यह भी निर्देश दिया है कि स्पा सेंटर के बाहरी दरवाजे कार्य अवधि के दौरान खुले रखे जाएंगे। इसके अलावा किसी भी स्पा प्रतिष्ठान का उपयोग आवासीय उद्देश्य के लिए नहीं किया जा सकेगा। संचालकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि परिसर केवल व्यावसायिक गतिविधियों के लिए ही उपयोग में लिया जाए।
नई व्यवस्था के तहत सभी कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन कराना भी अनिवार्य कर दिया गया है। पुलिस का मानना है कि इससे स्पा सेंटरों में कार्यरत व्यक्तियों का रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में जांच आसान होगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार हाल के दिनों में कुछ स्पा सेंटरों के खिलाफ संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इसी के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है ताकि वैध व्यवसायों और अवैध गतिविधियों के बीच स्पष्ट अंतर स्थापित किया जा सके तथा शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
गौरतलब है कि स्पा सेंटर सामान्य रूप से स्वास्थ्य, आराम और सौंदर्य सेवाएं प्रदान करने वाले प्रतिष्ठान होते हैं। यहां मसाज, बॉडी थेरेपी, फेसियल, बॉडी स्क्रब, स्टीम बाथ और अन्य वेलनेस सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। कुछ प्रतिष्ठानों में स्वास्थ्य और फिटनेस से जुड़ी अतिरिक्त सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्पा सेंटरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और नियमित निरीक्षण भी जारी रहेगा।